शिवपुरी में अवैध शराब के खिलाफ घूंघट की आड़ में महिलाओं की रैली, टावर पर चढ़कर दी चेतावनी; दुकानदार शटर गिराकर भागे
शिवपुरी में महिलाओं ने अवैध शराब के खिलाफ घूंघट की आड़ में रैली निकाली और विरोध में मोबाइल टावर पर ...और पढ़ें
HighLights
महिलाओं ने शिवपुरी में अवैध शराब के खिलाफ घूंघट रैली निकाली।
विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ महिलाएं मोबाइल टावर पर चढ़ गईं।
प्रशासन ने अवैध शराब रोकने हेतु निगरानी का दायरा बढ़ाया।
डिजिटल डेस्क, शिवपुरी। शिवपुरी जिले में अवैध शराब के खिलाफ महिलाओं का आंदोलन अब तेज होता जा रहा है। मंगलवार को बड़ी संख्या में महिलाओं ने घूंघट की आड़ में हाथों में तख्तियां लेकर शराबबंदी रैली निकाली। रैली उन स्थानों तक पहुंची, जहां कथित तौर पर कमीशन पर अवैध रूप से शराब बेची जा रही थी। महिलाओं को सामने देखकर कई दुकानदार शटर गिराकर मौके से निकल गए।
जब महिलाओं को तत्काल कार्रवाई का भरोसा नहीं मिला तो विरोध और तेज हो गया। कुछ महिलाएं गांव में लगे मोबाइल टावर पर चढ़ गईं, जबकि अन्य महिलाएं टावर के नीचे धरने पर बैठ गईं। टावर से महिलाओं ने गांव में अवैध शराब की बिक्री बंद कराने की मांग उठाई।
टावर पर चढ़कर दी चेतावनी
आंदोलनकारी विनिता ने टावर से चेतावनी देते हुए कहा कि यदि गांव में शराब की बिक्री बंद नहीं हुई तो महिलाएं अपनी जान देने जैसा कदम उठाने को मजबूर होंगी। नीचे धरने पर बैठी महिलाओं ने आरोप लगाया कि परिवार के पुरुष दिनभर मजदूरी कर 200-300 रुपये कमाते हैं, लेकिन शाम को यही रकम शराब पर खर्च हो जाती है।

इससे बच्चों की फीस और घर की जरूरतों के लिए पैसे नहीं बचते। महिलाओं ने शराब के नशे में घरों में होने वाले विवाद और घरेलू कलह का भी मुद्दा उठाया।
थाना प्रभारी ने दी समझाइश
सूचना मिलने पर पिछोर थाना प्रभारी नीतू सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने महिलाओं से बातचीत कर उन्हें समझाया और काफी मशक्कत के बाद टावर पर चढ़ी महिलाओं को सुरक्षित नीचे उतारा।
गांव-गांव शराब माफिया की निगरानी की जिम्मेदारी
अवैध शराब के खिलाफ प्रशासन ने निगरानी का दायरा भी बढ़ाया है। कलेक्टर अर्पित वर्मा ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं, पटवारियों, सरपंचों और पंचायत सचिवों को गांवों में अवैध शराब की गतिविधियों की सूचना देने की जिम्मेदारी सौंपी है।
इन कर्मचारियों को अपने नियमित भ्रमण के दौरान यह भी पता लगाने के निर्देश दिए गए हैं कि किन घरों में अवैध शराब की भट्ठियां चल रही हैं और खेतों या अन्य स्थानों पर कहां कच्ची शराब तैयार की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर अवैध शराब के ठिकानों की जानकारी जुटाकर कार्रवाई को तेज करना है।
