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सिंधिया राजघराने की संपत्ति पर विवाद, दस्तावेजों पर धोखे से किसने कराए हस्ताक्षर? बुआ की बेटी ने खोला राज

Published: Wed, 07 Oct 2026 10:05 PM (IST)

ग्वालियर में सिंधिया राजघराने की 40 हजार करोड़ की संपत्ति विवाद पर अतिरिक्त सत्र न्यायालय में बहस पूरी हो गई ...और पढ़ें

सिंधिया राजघराने की 40 हजार करोड़ संपत्ति विवाद पर बहस पूरी।

सिंधिया राजघराने की 40 हजार करोड़ संपत्ति विवाद पर बहस पूरी।

HighLights

  1. सिंधिया राजघराने की 40 हजार करोड़ संपत्ति विवाद पर बहस पूरी।

  2. प्रतिमा देवी ने बंटवारे के दस्तावेजों पर धोखे से हस्ताक्षर का आरोप लगाया।

  3. अतिरिक्त सत्र न्यायालय 14 अक्टूबर को इस मामले में फैसला सुनाएगा।

डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। सिंधिया राजघराने की 40 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति के विवाद के मामले में पेश किए गए अंतरिम आवेदनों पर अतिरिक्त सत्र न्यायालय में बुधवार को बहस पूरी हो गई। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की बड़ी बुआ पद्मावती राजे की बेटी प्रतिमा देवी की ओर से प्रस्तुत आवेदन को न्यायालय ने पिछली सुनवाई में स्वीकार कर लिया था।

इसी आपत्ति पर बुधवार को दोनों पक्षों के वकीलों के बीच बहस हुई। बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसले के लिए 14 अक्टूबर की तिथि निर्धारित की है। प्रतिमा देवी ने सहमति से हुए बंटवारे का विरोध किया। कहा कि बंटवारे पर जो हस्ताक्षर बताए जा रहे हैं, वह धोखे से कराए गए हैं। इसके लिए साक्ष्य कराए जाएं।

ज्योतिरादित्य की बुआ ऊषा राजे, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और यशोधरा राजे के वकीलों ने विरोध करते हुए कहा कि हस्ताक्षर सहमति से हुए हैं। हस्ताक्षर के बाद परिवार का डिनर भी हुआ था। फोटो शूट हुआ था। वहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया की ओर से कहा गया कि साक्ष्य की जरूरत नहीं है।

हस्ताक्षर सहमति के साथ हुए हैं। बता दें कि पिछली सुनवाई में प्रतिमा देवी ने अपनी आपत्ति में कहा है कि संपत्ति विवाद से जुड़ी न्यायिक कार्यवाही में उन्हें उचित रूप से पक्षकार नहीं बनाया गया। उन्हें भेजे गए नोटिस नेपाल के नेपालगंज पते पर गए, जबकि वह करीब 20 साल से काठमांडू में रह रही हैं।