विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'जुगनुओं ने शराब पी ली है...' शिवपुरी के ब्राह्मण सम्मेलन में नरोत्तम मिश्रा का शायराना तंज, बोले- अब सूरज को गालियां देंगे

Published: Sun, 27 Sep 2026 10:58 PM (IST)

नरोत्तम मिश्रा ने शिवपुरी में ब्राह्मण सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि ब्राह्मणों ने कभी राज नहीं किया, तो ...और पढ़ें

शिवपुरी में ब्राह्मण समाज के सम्मेलन में शामिल होने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए पूर्व गृह मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा। (फोटो- जागरण)

शिवपुरी में ब्राह्मण समाज के सम्मेलन में शामिल होने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए पूर्व गृह मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा। (फोटो- जागरण)

डिजिटल डेस्क, शिवपुरी। मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री और भाजपा नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने रविवार को शिवपुरी में ब्राह्मण समाज के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि ब्राह्मणों पर शोषण के आरोप लगाने वालों को यह समझना चाहिए कि ब्राह्मणों ने कभी राज ही नहीं किया, तो शोषण कैसे किया। उन्होंने ब्राह्मण समाज को शासक के बजाय संस्कृति का वाहक बताया।

नरोत्तम मिश्रा ने ब्राह्मण समाज की आलोचना को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने शायराना अंदाज में कहा, "जुगनुओं ने शराब पी ली है, अब तो सूरज को गालियां देंगे।" उनके इस बयान को सामाजिक-धार्मिक क्षेत्र में ब्राह्मणों की भूमिका को लेकर की जाने वाली आलोचनाओं के संदर्भ में देखा गया।

ब्राह्मणों को एकजुट रहने की नसीहत

सम्मेलन में डॉ. मिश्रा ने ब्राह्मण समाज के अलग-अलग वर्गों के बीच एकजुटता पर जोर दिया। सनाढ्य, भार्गव और कान्यकुब्ज सहित विभिन्न वर्गों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि समाज को आपस में नहीं बंटना चाहिए और सभी को एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए।

मंदिरों पर कब्जे और समाज को जातियों में बांटने के आरोपों पर भी उन्होंने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यदि ब्राह्मणों ने मंदिरों पर कब्जा किया होता तो सबसे ज्यादा मंदिर भगवान परशुराम के होते, जबकि उनकी मूर्तियां अपेक्षाकृत कम हैं। उन्होंने जाति प्रमाण पत्र को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि ब्राह्मणों ने समाज को बांटा है तो लोग जाति प्रमाण पत्र के लिए तहसील क्यों जाते हैं।

यह भी पढ़ें- कूनो के चीतों का अब हाईवे पर भी होगा प्रचार, एमपी-राजस्थान-यूपी के प्रमुख मार्गों पर लगेंगे साइन बोर्ड

'ब्राह्मण विश्वास का ब्रांड'

डॉ. मिश्रा ने अपने संबोधन में ब्राह्मण को "विश्वास का ब्रांड" बताते हुए रामायण और महाभारत के प्रसंगों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रावण द्वारा सीता हरण, कर्ण की शिक्षा और पांडवों के वनवास के प्रसंगों में ब्राह्मण वेश का उल्लेख मिलता है।

कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से चर्चा में मिश्रा ने भाजपा में ब्राह्मण समाज की भूमिका को लेकर कहा कि यह राजनीति पार्टी में "सर्वोच्च स्तर" पर है। उन्होंने गुना-शिवपुरी क्षेत्र में अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने से जुड़े कयासों को भी खारिज किया।