ग्वालियर में केंद्रीय मंत्री सिंधिया के संबोधन के दौरान हंगामा; दिखाए काले झंडे
ग्वालियर में कुशवाह समाज के कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के संबोधन के दौरान युवाओं ने काले झंडे दिखाकर ...और पढ़ें

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के कार्यक्रम में हंगामा
HighLights
सिंधिया के संबोधन के दौरान युवाओं ने काले झंडे दिखाए।
आयोजकों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई मारपीट, कुर्सियां फेंकी गईं।
घटना के पीछे राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को मुख्य कारण बताया गया।
डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। ग्वालियर में कुशवाह समाज के छात्रावास सह-सामुदायिक भवन के भूमिपूजन कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का उद्बोधन शुरू होते ही कुछ युवाओं ने नारेबाजी शुरू कर दी।
अग्रिम पंक्ति में बैठे इन युवाओं ने शोर-शराबे के बीच राजनीति नहीं चलेगी और समाज को बांटना बंद करो जैसे नारे लगाए। बताया जा रहा है कि कुछ युवाओं के हाथ में काले झंडे भी थे।
आयोजकों ने पुलिस की मदद से इन युवाओं को पंडाल से बाहर निकाला, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई और कुर्सियां भी फेंकी गईं। इस हंगामे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। जिसमें पुलिस युवाओं को खींचकर ले जाने का प्रयास कर रही है, जबकि कुछ आयोजक उनकी पिटाई करने की कोशिश कर रहे हैं। हं
गामे के बीच सिंधिया ने मंच से कहा कि इन्हें अपना काम करने दो, हम अपना काम करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि हंगामा करने वालों के नाम और उन्हें भेजने वाले का नाम नोट कर लिया गया है।
मंत्री ने वीडियो जारी कर घटना पर खेद जताया
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि सांसद भारत सिंह कुशवाह और उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह के बीच प्रतिद्वंदिता चल रही है। इस कार्यक्रम के सूत्रधार उद्यानिकी मंत्री थे, लेकिन सांसद को आमंत्रित नहीं किया गया जिससे नाराजगी उत्पन्न हुई।
पूर्व पार्षद भूपेंद्र कुशवाह ने कहा कि समाज के वरिष्ठजनों की इच्छा थी कि सभी पूर्व विधायक, मंत्री और सांसद को बुलाया जाए। वहीं सामाजिक न्याय विभाग के मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर खेद जताया है।
उन्होंने कहा कि प्रभावशाली नेताओं के बहकावे में आकर युवाओं ने यह कृत्य किया। उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि कुशवाह समाज किसी की जागीर नहीं है और उच्च पद पर बैठकर अपनी शक्ति का गलत इस्तेमाल करना उचित नहीं है। उन्होंने इस कृत्य की कठोर निंदा की।
