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फर्जी अनुभव-सैलरी से CEO बनकर लिया लाखों का पैकेज, फाइनल सेटलमेंट में खुली पोल; ग्वालियर पुलिस ने कानपुर से जालसाज को दबोचा

Published: Tue, 15 Sep 2026 06:52 PM (IST)

ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने एक व्यक्ति को कानपुर से गिरफ्तार किया है, जिसने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र और सैलरी स्टेटमेंट ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।

-प्रतीकात्मक चित्र।

HighLights

  1. फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र से बना ऑटोमोबाइल कंपनी का CEO।

  2. लाखों का वेतन पैकेज लिया, नौकरी छोड़ने पर खुला फर्जीवाड़ा।

  3. ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने कानपुर से आरोपित को किया गिरफ्तार।

डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र और बैंक स्टेटमेंट के दम पर खुद को बड़ी कंपनी का अनुभवी अधिकारी बताकर एक व्यक्ति ने ऑटोमोबाइल कंपनी में ग्रुप वाइस प्रेसिडेंट से लेकर सीईओ तक का पद हासिल कर लिया। इसके साथ ही वह हर महीने लाखों रुपये का वेतन भी लेता रहा। लेकिन नौकरी छोड़ने के बाद दस्तावेजों के सत्यापन में पूरा फर्जीवाड़ा सामने आ गया।

मामले में ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने ऑटोमोबाइल कंपनी के पूर्व ग्रुप सीईओ देवेंद्र कुमार दुबे (43) को कानपुर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपित ने लैंडमार्क ग्रुप में नौकरी करने और वहां से 2 लाख 80 हजार 670 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलने का फर्जी दस्तावेज तैयार किया था।

फर्जी कागजों पर मिली ऊंचे पद की नौकरी

पुलिस जांच के अनुसार देवेंद्र कुमार ने इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर अगस्त 2025 में श्रीतुलजा भवानी ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड, जो अनंत टोयोटा के नाम से संचालित है, में ग्रुप वाइस प्रेसिडेंट के पद पर नौकरी हासिल की।

कंपनी में काम के दौरान उसकी कार्यक्षमता से अधिकारी प्रभावित हुए। इसके बाद उसे ग्रुप सीईओ (आफ्टर सेल्स) का अतिरिक्त प्रभार भी सौंप दिया गया। यानी फर्जी अनुभव के सहारे कंपनी में दाखिल हुआ आरोपित देखते ही देखते शीर्ष पद तक पहुंच गया।

नौकरी छोड़ी तो खुला फर्जीवाड़ा

मई 2026 में देवेंद्र कुमार ने अचानक नौकरी से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद कंपनी में उसके फुल एंड फाइनल सेटलमेंट की प्रक्रिया शुरू हुई। इसी दौरान उसके शैक्षणिक और अनुभव से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया।

जांच में सामने आया कि लैंडमार्क ग्रुप में नौकरी और वहां से मिलने वाली मोटी सैलरी से संबंधित दस्तावेज फर्जी थे। इसके बाद कंपनी की ओर से क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई गई।

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अगस्त में केस दर्ज, कानपुर में मिला आरोपित

शिकायत के आधार पर क्राइम ब्रांच ने अगस्त 2026 में देवेंद्र कुमार दुबे के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने समेत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया। एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।

जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपित कानपुर में छिपा हुआ है। इसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने वहां दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसने फर्जी दस्तावेज किस तरह तैयार किए और नौकरी हासिल करने के लिए किन लोगों की मदद ली थी।