ग्वालियर शीतला माता मंदिर हादसे में घायल एक और मरीज एयरलिफ्ट, बेहतर इलाज के लिए AIIMS भोपाल भेजा
ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास हुए हादसे में घायल एक और व्यक्ति को एयर एंबुलेंस से एम्स भोपाल ...और पढ़ें

ग्वालियर हादसे में घायल मरीज को भोपाल भेजा गया।
HighLights
भिंड के गोहद निवासी मरीज को एयरलिफ्ट कर एम्स भोपाल भेजा।
इससे पहले तीन और मरीजों को बेहतर इलाज के लिए भोपाल भेजा गया।
कलेक्टर रुचिका चौहान प्रतिदिन घायलों के इलाज की समीक्षा कर रहीं।
डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। ग्वालियर में नवरात्र के दौरान शीतला माता मंदिर के पास बेकाबू ट्रक की टक्कर से हुए भीषण हादसे में घायल लोगों को बेहतर उपचार दिलाने के लिए सरकार ने प्रयास तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर गंभीर घायलों को एयर एंबुलेंस के जरिए एम्स भोपाल में भर्ती कराया जा रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को एक और घायल को एयरलिफ्ट कर एम्स भोपाल पहुंचाया गया।
गोहद निवासी मरीज को एयरलिफ्ट किया
आरजेएन अपोलो स्पेक्ट्रा अस्पताल में भर्ती अंकित, पुत्र जयनारायण, निवासी मनोहर का पुरा, तहसील गोहद, जिला भिंड को गुरुवार को एयर एंबुलेंस से भोपाल ले जाकर एम्स में भर्ती कराया गया। इससे पहले हादसे में घायल कल्पना परिहार निवासी ठाठीपुर, संजय शर्मा निवासी करनाल साहब की ड्योढ़ी और शैलेन्द्र सिंह तोमर निवासी मुरैना को भी एयर एंबुलेंस के माध्यम से एम्स भोपाल पहुंचाया जा चुका है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव घायलों के उपचार की स्थिति पर स्वयं नजर रख रहे हैं। सरकार का जोर गंभीर रूप से घायल मरीजों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है।
कलेक्टर हर दिन कर रहीं इलाज की समीक्षा
मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल (जेएएच) के ट्रामा सेंटर सहित शहर के विभिन्न निजी अस्पतालों में भर्ती घायलों के उपचार की लगातार निगरानी कर रहा है।
कलेक्टर रुचिका चौहान स्वयं प्रतिदिन इलाज की समीक्षा कर रही हैं। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारियों को निजी अस्पतालों का नियमित दौरा करने, मरीजों की स्थिति जानने और उनके बेहतर उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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गंभीर घायलों के उपचार पर प्रशासन की नजर
हादसे के बाद प्रशासन का पूरा ध्यान घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर है। अस्पतालों में भर्ती मरीजों की स्थिति की जानकारी ली जा रही है और जरूरत के अनुसार उपचार की व्यवस्था की जा रही है। गंभीर मरीजों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा दिलाने के लिए एयर एंबुलेंस का इस्तेमाल किया जा रहा है।
