ग्वालियर, ब्यूरो। पुलिस ने शनिवार रात को ग्वालियर स्टेशन से सोने की 2 ईंटों के साथ पारस जैन, राहुल जैन और पारस की पत्नी ज्योति को पक़डा। पुलिस को संदेह है कि प्रदीप जैन उर्फ मामा शहर में हवाला के जरिए ब़डे पैमाने पर सोने की ईंट अपने एजेंटों के जरिए शहर में भेज रहा है। वह 11 साल पहले शहर से अपना कारोबार समेटकर भोपाल में बस गया था।
आरोपियों के बयान के आधार पर पुलिस ने देर रात ऑरनम ज्वैलर्स के संचालक सतीश चंद्र मित्तल को भी पक़ड लिया। नोटबंदी के बाद शहर के आधा सैक़डा व्यापारी 30 लाख के 50 लाख रुपए करने के फेर में भोपाल व आगरा से सोने की ईंट मंगा रहे हैं। आरोपियों ने पुलिस के सामने कबूल किया कि 8 दिन में सोने की 7 ईंटें भोपाल से लाकर ऑरनम शोरूम पर पहुंचा चुके हैं। इसके एवज में उन्हें प्रति ईंट 50 हजार रुपए मिले। इस तरह का काम करने वाले युवकों को नोटबंदी से पहले 10 से 20 हजार मिलते थे। नोट बंद करने की घोषणा के बाद शहर में सोने से कालेधन को सफेद किया जा रहा है। 30 लाख की कीमत की एक किलो ग्राम की ईंट 50 लाख में बेची जा रही है। कारोबारी पुरानी करेंसी के रूप में कारोबारी मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।
बेटी व पत्नी को भी लगा दिया दांव पर
बीई के बाद एमबीए करने वाला पारस, प्रदीप के साथ काफी दिनों से काम कर रहा है। पुलिस के अनुसार नोटबंदी के बाद पक़डे जाने का रिस्क ब़ढने पर आरोपी लोगों की नजरों से बचने के लिए पत्नी व 2 माह की बेटी को भोपाल साथ ले गया। वहां से सोने की 2 ईंटें लेकर आया। ग्वालियर में उसे डिलेवरी राहुल जैन को देनी थी, जो कि भोपाल का रहने वाला है। राहुल सोने की ईंट को मित्तल तक पहुंचाता था। स्टेशन से सराफा बाजार तक पहुंचने के उसे 50 हजार रुपए मिलते थे।

Posted By: Bhupendra Singh

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