यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सड़क हादसे में हुई पति की मौत, स्पर्म सुरक्षित रखने पर अड़ी महिला; दो दिन बाद हो सका पोस्टमार्टम
मध्य प्रदेश के सीधी जिले में विवाह के सात महीने बाद ही एक महिला का सुहाग उजड़ गया। मौत की ...और पढ़ें

HighLights
- गुरुवार को सड़क हादसे में गई थी पति की जान।
- मां बनने के लिए स्पर्म सुरक्षित रखने की मांग की।
- 24 घंटे बीतने की वजह से पूरी नहीं हुई ख्वाहिश।
जेएनएन, रीवा। मध्य प्रदेश के सीधी जिले के चुरहट निवासी नेहा सिंह की मांग ने डॉक्टरों और पुलिस को दो दिन तक हैरान कर रखा। दरअसल, नेहा के पति जितेंद्र सिंह गहरवार की गुरुवार दोपहर सड़क हादसे में मौत हो गई थी।
सूचना पर रीवा के संजय गांधी मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंची नेहा ने पुलिस और डॉक्टरों के सामने मांग रख दी कि पति का स्पर्म सुरक्षित रखा जाए ताकि वह आधुनिक चिकित्सा सुविधा के माध्यम से मां बन सके।
हालांकि बाद में डॉक्टरों के समझाने पर महिला मान गई। इसके बाद पति के शव का पोस्टमार्टम किया गया। बाद में प्रशासन ने शव को परिजनों के हवाले कर दिया। उधर, शादी के कुछ दिन बाद ही महिला के सुहाग उजड़ने से पूरे गांव में शोक की लहर है।

(सांकेतिक फोटो)
सात महीने पहले हुई थी शादी
महिला ने तर्क रखा कि उनका सात महीने पहले ही मई 2024 में विवाह हुआ था। इसलिए वह चाहती है कि उसके पति के नहीं रहने पर भी यादें जीवित रह सकें। वहीं, महिला को संजय गांधी मेडिकल अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा और रीवा स्थित श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक एक्सपर्ट रजनीश कुमार पांडे ने समझाया कि स्पर्म प्रिजर्व करने की मांग को इसलिए पूरा नहीं किया जा सकता, क्योंकि मृत्यु के 24 घंटे पूरे हो चुके हैं। स्पर्म इस अवधि के बाद सुरक्षित नहीं रखा जा सकता।
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा
इसके बाद नेहा ने यह कहकर हंगामा खड़ा कर दिया कि उसने यह मांग पुलिस और डॉक्टरों के सामने हादसे के कुछ घंटों के बाद ही रख दी थी। इसके बावजूद लापरवाही बरती गई और स्पर्म को सुरक्षित नहीं रखा गया। महिला के मांग पर अड़े रहने के कारण हादसे के दो दिन बाद पोस्टमार्टम हो सका। शनिवार शाम पीएम के बाद शव को मृतक के पिता व पत्नी नेहा को सुपुर्द कर दिया गया।

(सांकेतिक फोटो)
पत्नी ने पति का स्पर्म प्रिजर्व करने की बात कही थी। यह हादसे के 24 घंटे बाद संभव नहीं था। दो दिन बाद आखिरकार वह मान गई और पोस्टमार्टम के बाद शव स्वजनों को सौंप दिया गया है। - विवेक सिंह, पुलिस अधीक्षक।
