'डोकरा हो गए, काहे के जवान...' राहुल गांधी पर उमा भारती का तंज; मुख्यमंत्री से बंद कमरे में 40 मिनट की चर्चा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उमा भारती से उनके भोपाल स्थित बंगले पर मुलाकात की, जहां 40 मिनट तक बंद कमरे ...और पढ़ें
HighLights
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उमा भारती से भोपाल में की मुलाकात।
उमा भारती ने राहुल गांधी को 'डोकरा' कहकर कसा तंज।
उज्जैन मंदिर और सागर शराब कांड पर भी उमा ने प्रतिक्रिया दी।
राज्य ब्यूरो, भोपाल। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के भोपाल स्थित बंगले पर पहुंचकर मुलाकात की। दोनों नेताओं की 40 मिनट बंद कमरे में चर्चा हुई। दोनों की मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब हाल ही में उमा भारती ने उज्जैन के प्रसिद्ध ‘खड़े हनुमान मंदिर’ मंदिर को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पत्र लिखा है।
मुलाकात के बाद उमा भारती ने मीडिया से चर्चा में कहा कि यह शुद्ध भाई-बहन की मुलाकात है। उज्जैन में खड़े हनुमान मंदिर के रास्ते को लेकर उमा भारती ने सुझाव दिया कि जैसे मस्जिद के लिए रास्ता निकाला गया, वैसे मंदिर के लिए भी रास्ता होना चाहिए। लोकतंत्र की संवैधानिक व्यवस्था में भेद नहीं किया जा सकता कि मस्जिद बचाएंगे तो मंदिर को गिरा देंगे, मंदिर नहीं गिरा सकते। उन्होंने कहा कि उज्जैन आने के बाद उन्हें विवाद की जानकारी मिली। बजरंगबली ने कमाल कर दिया, मैं तो उनकी वंदना करती हूं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव को सलाह देने के सवाल पर उमा भारती ने कहा कि वह बहुत पढ़े-लिखे और काबिल व्यक्ति हैं। उन्हें किसी सलाह की जरूरत नहीं है, उन्हें तो आशीर्वाद की जरूरत है कि वह खूब सफल हों।
राहुल गांधी को लेकर बोलीं- डोकरा हो गए, काहे के जवान
उमा भारती ने 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के लिए इंदौर आ रहे राहुल गांधी पर तंज कसा कि अब राहुल बूढ़े हो चुके हैं, डोकरा हो चुके हैं, इस उम्र में तो नाती-पोते हो जाते हैं, वे काहे के जवान। मोदी से युवा प्यार करते हैं और उन्हीं को अपना नेता मानते हैं।
यह भी पढ़ें- सागर में जहरीली शराब ने छीनी 10 से ज्यादा लोगों की आंखों की रोशनी, 4 पर स्थायी अंधेपन का खतरा; दो AIIMS भोपाल रेफर
सरपंच से लेकर विधायक, मंत्री तक जिम्मेदारी तय हो
सागर के बंडा शराब कांड को लेकर उमा भारती ने कहा कि शराब पीनी ही नहीं चाहिए, लेकिन अवैध शराब की बिक्री रोकने में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। पंच सरपंच से लेकर विधायक और मंत्री तक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्हें अपने क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री दिखाई देनी चाहिए। 'जनप्रतिनिधियों को कैसे पता नहीं चला कि क्षेत्र में अवैध शराब बिक रही थी?'
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को पुलिस के संज्ञान में मामला लाकर कार्रवाई करानी चाहिए। उन्होंने कहा मैं खुद सागर जाकर बांडा में लोगों से मुलाकात करूंगी। उन्होंने अधिकारियों की आरोपितों से मिलीभगत होने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की।
