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Twisha Sharma Case: समर्थ की फरारी काटने में मदद करने वालों पर कसेगा शिकंजा, CBI भेजेगी समन

Published: Thu, 04 Jun 2026 08:02 PM (IST)

सीबीआई मॉडल त्विषा शर्मा की मौत के मामले में मुख्य आरोपी समर्थ सिंह की फरारी और साक्ष्य मिटाने में मदद ...और पढ़ें

त्विषा शर्मा व समर्थ सिंह (फाइल फोटो)

त्विषा शर्मा व समर्थ सिंह (फाइल फोटो)

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संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मॉडल एवं अभिनेत्री त्विषा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में सीबीआई अब उन सभी लोगों से पूछताछ की तैयारी कर रही है, जिन्होंने घटना के बाद मुख्य आरोपित समर्थ सिंह के संपर्क में रहकर उसकी फरारी और साक्ष्य मिटाने की कोशिश में किसी भी तरह से मदद की। इसके लिए चिह्नित किए गए लोगों को सीबीआई समन जारी करके बुलाएगी।

दस दिन फरार रहा था समर्थ

दरअसल, त्विषा के पति समर्थ से की गहन पूछताछ के बाद सीबीआई को उन कई लोगों और कड़ियों का सुराग मिला है, जिन्होंने उसकी 10 दिनों तक फरारी काटने में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सहायता की थी। पूछताछ में सामने आया है कि घटना के बाद समर्थ भोपाल और सीहोर के रास्ते पन्ना और फिर जबलपुर गया था।

मददगारों से सीबीआई करेगी पूछताछ

सीबीआई को सीहोर व जबलपुर के कुछ लोगों के नाम मिले हैं। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई ने कई मददगारों की सूची मोबाइल कॉल रिकार्ड के आधार पर भी तैयार की है। कुछ नाम पुलिस ने भी उपलब्ध कराए हैं। सीबीआई का मानना है कि इन लोगों से पूछताछ में प्राप्त जानकारी त्विषा की मौत की वजह सामने लाने में मददगार साबित हो सकती है।

साक्ष्यों का किया जा रहा अध्ययन

वहीं, सीबीआई की तीन टीमें डिजिटल और वैज्ञानिक साक्ष्यों को क्रमबद्ध कर अध्ययन करने में जुटी हैं। दहेज प्रताड़ना से जुड़े इस मामले में दोनों पक्षों के बैंक खातों और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की बारीकी से स्क्रूटनी की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और चैट एनालिसिस से कड़ियों को जोड़ने की कोशिश के तहत सीबीआई ने आरोपितों की रिमांड के दौरान दर्ज बयानों का मिलान भोपाल पुलिस को दिए गए बयानों से किया है। घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज और घटना की रात की कॉल डिटेल और लोकेशन के सत्यापन का काम अभी बाकी है।

फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार

सीबीआई त्विषा शर्मा और समर्थ की शादी के बाद नौ दिसंबर 2025 से 12 मई 2026 के बीच के इंटरनेट मीडिया के माध्यमों- वाट्सएप चैट, मोबाइल, लैपटाप और अन्य डिजिटल उपकरणों की फारेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। इस रिपोर्ट से शारीरिक-मानसिक प्रताड़ना के आरोपों से जुड़े साक्ष्य पुख्ता हो सकते हैं। इसे केस की दिशा तय करने में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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