राजगढ़, जेएनएन। मध्य प्रदेश के जिस गांव में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कुछ दिन पहले आदिवासी परिवार के घर पहुंचकर महिला के हाथों बेर खाए थे और सामाजिक समरसता का संदेश दिया था, उसी गांव में रविवार रात दबंगों ने पुलिस की मौजूदगी में उत्पात मचाया। दबंगों ने अनुसूचित जाति के दूल्हे को घोड़ी चढ़ने से रोक दिया। पुलिस ने रोका तो पुलिसकर्मियों पर भी पथराव कर दिया। घटना के बाद भारी संख्या में पुलिसबल के साथ कलेक्टर,एसपी पहुंचे। इसके बाद शादी की रस्में कराई गई। पुलिस ने 22 नामजद सहित 40 पर मामला दर्ज कर लिया है। जीरापुर थाने के गांव पीपल्यकला में रविवार रात को दीपक मेघवाल के बहन की शादी थी।

पुलिस टीम भी दबंगों के उत्पात का हुई शिकार

विवाह के लिए खुजनेर थाने के पाटनखुर्द गांव से बरात पहुंची थी। बरात के दौरान हंगामा होने व बरात रोकने के अंदेशे के चलते दीपक ने 14 मई को ही जीरापुर थाने में आवेदन दिया था। जिसके चलते पुलिसकर्मी तैनात थे। देर रात जब बरात गांव पहुंची तो दबंगों ने दूल्हे को घोड़ी पर बैठने से रोक दिया। बरातियों के विरोध करने पर बीच-बचाव में आई पुलिस टीम भी दबंगों के उत्पात का शिकार हो गई। पुलिस वाहन के साथ ही बरात के वाहनों में तोड़फोड़ की गई और पथराव किया गया। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

आठ के शस्त्र लाइसेंस निरस्त, पुलिस बल तैनात

घटना के बाद सुरक्षा के लिहाज से गांव में पुलिस बल तैनात रहा। उधर, दोपहर में कलेक्टर ने प्रभूलाल पुत्र पूरलाल दांगी, बालचंद्र पुत्र गोपीलाल कलाल, श्रीनाथ पुत्र गोरधन दांगी, जगदीश पुत्र चंपालाल दांगी, गिरिराज पुत्र लक्ष्मीनारायण दांगी, रामचरण पुत्र हजारीलाल दांगी, हजारीलाल पुत्र रामप्रताप दांगी व गोरधनलाल पुत्र ऊकार दांगी निवासी पीपल्यकला के शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं।

पूरे रीति-रिवाज के साथ विवाह कराया

राजगढ़ के एसपी प्रदीप शर्मा ने कहा कि घटना की जानकारी होने के बाद कलेक्टर और मैं रात में ही गांव में पहुंच गए थे। पूरे रीति-रिवाज के साथ विवाह संपन्न कराया गया। गांव में पुलिस बल तैनात है।

Edited By: Sachin Kumar Mishra