सागर जहरीली शराब कांड में प्रशासन का बड़ा एक्शन: तीन आरोपितों के मकान व गोदाम को ढहाया
मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब कांड के आरोपितों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। तीन मुख्य ...और पढ़ें
HighLights
सागर जहरीली शराब कांड के आरोपितों पर प्रशासन की कार्रवाई तेज हुई।
तीन आरोपितों के अवैध मकान और गोदाम बुलडोजर से ढहाए गए।
जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या बढ़कर अब 30 हो गई।
डिजिटल डेस्क, सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले के जहरीली शराब कांड के आरोपितों पर प्रशासन की कार्रवाई तेज हो गई है। गुरुवार को तीन आरोपितों में से दो के मकान और एक के गोदाम को बुलडोजर से ढहा दिया गया। इनमें चंद्रभान उर्फ चंदू सिंह राजपूत ततरवारा गांव का सरपंच और करणी सेना का संभागीय अध्यक्ष है।
आलीशान कोठी 5 घंटे में जमींदोज
उसकी बंडा कस्बे में स्थित करीब 2500 वर्गफीट में बनी आलीशान कोठी को ध्वस्त करने में पांच घंटे से अधिक समय लगा। कोठी के अधिकांश हिस्से का निर्माण एक साल पहले ही कराया गया था। भवन इतना बड़ा था कि परिसर में करीब 10 गाड़ियों की पार्किंग आसानी से हो सकती थी। बिना अनुमति बनाई गई इस कोठी पर प्रशासन का ध्यान तब गया, जब सरपंच की जहरीली शराब कांड में संलिप्तता सामने आई।
श्मशान की जमीन पर बना था गोदाम
वहीं, आबकारी ठेकेदार मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर का शराब गोदाम ढहाने के लिए प्रशासन की टीम बंडा कस्बा के वार्ड 11 में पहुंची तो उसके घर से एक महिला कुछ दस्तावेज लेकर अधिकारियों से ध्वस्तीकरण रोकने की गुहार लगाती रही, लेकिन अधिकारियों ने कोई बात नहीं सुनी। बुलडोजर की कार्रवाई में पूरा गोदाम ध्वस्त हो गया। प्रशासनिक अधिकारियों कहना है कि यह गोदाम श्मशान की जमीन पर कब्जा करके बनाया गया था।

तीसरे आरोपित आशीष साहू का कालेज रोड स्थित करीब 20 साल पुराना मकान दो घंटे के भीतर ढहा दिया गया।
30 में से 14 आरोपित गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, आबकारी ठेकेदार मनीष लोधी ने अंतरराज्यीय शराब माफिया रवि लखेरा के साथ मिलकर अवैध शराब का नेटवर्क खड़ा किया। उसने सरपंच चंद्रभान उर्फ चंदू राजपूत के साथ अवैध शराब की फैक्ट्री बनाई। चंदू तो पकडा गया, लेकिन मनीष और रवि फरार हैं। पुलिस ने तीनों पर 20 -20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। वहीं, आशीष साहू को मनीष लोधी का सहयोगी बताया जा रहा है। उसका काम गांवों में शराब की तस्करी करना था। उसके खिलाफ छह-सात मामले दर्ज हैं। आरोपित बनाए गए 30 लोगों में से 14 पकड़े जा चुके हैं।

गोदाम में भट्ठी, कड़ाही और मशीनें मिलीं
मनीष लोधी के गोदाम में ध्वस्तीकरण के दौरान भट्ठी, कड़ाही और मशीनें मिलीं। खाद्य पदार्थों के रैपर भी वहां पाए गए। अंदर पांच बाइकें खड़ी थीं और जिसमें से तीन पर नंबर प्लेट तक नहीं थी। आशंका जताई गई कि इन्हीं वाहनों का इस्तेमाल अवैध शराब की सप्लाई और तस्करी में किया जाता था।
अवैध निर्माण पर आंखे मूंदे रही नगर पालिका
मामले में बंडा नगर पालिका की निष्क्रियता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। कई वर्षों से अवैध निर्माण था, लेकिन कभी कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोपित मनीष लोधी का गोदाम तो सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाया गया था, लेकिन उसे भी खाली कराने की कोई कोशिश नहीं हुई।

सीएमओ आरसी अहिरवार का कहना था कि ये निर्माण उनके कार्यकाल के पहले हुए हैं, इसलिए अभी स्पष्ट नहीं बता सकता कि उन पर कोई कार्रवाई की गई थी या नहीं? हाल में हुई जांच में यह बगैर परमिशन अवैध निर्माण पाए गए, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई।
एक और मौत के साथ आंकड़ा 30 हुआ
जहरीली शराब से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में गुरुवार को पिपरिया किल्लाई निवासी राम सिंह (30) की भी मौत हो गई। इसके साथ ही जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या 30 पहुंच गई है।
जहरीली शराब के आरोपित के पांच अवैध निर्माणों को चिह्नित किया गया है। उन्हें 24 घंटे पहले नोटिस जारी किए गए थे। तीन भवन ध्वस्त किए गए हैं। बाकी भी ध्वस्त किए जाएंगे। आरोपितों के अन्य निर्माणों की जांच की जा रही है।
- संजय जैन, एसडीएम, बंडा, सागर
