भोपाल, नईदिल्ली [ब्यूरो]। व्यापमं घोटाले से जुड़े लोगों की लगातार हो रही मौतों को लेकर गर्माई राजनीति के बीच केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से बात की है। दोनों के बीच यह बातचीत काफी देर तक हुई है।

माना जा रहा है कि गृहमंत्री ने इस दौरान घोटाले की पड़ताल कर रहे आजतक के पत्रकार अक्षय सिंह सहित व्यापमं घोटाले से जुड़े लोगों की संदिग्ध परिस्थियों में लगातार हो रही मौतों को लेकर चर्चा की है।

सूत्रों की मानें तो केंद्र सरकार इस मामले को लेकर उस समय सक्रिय हुई है, जब इस मामले में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीबाल आगे आए। इन दोनों ही नेताओं ने व्यापमं घोटाले की रिपोर्टिंग के दौरान आजतक के पत्रकार अक्षय सिंह की मौत को दुखद बताया।

राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा कि ईश्वर पत्रकार अक्षय सिंह की आत्मा को शांति प्रदान करें। दुख ही इस घडी में ईश्वर परिजनों को साहस दे। इसके बाद तो केजरीबाल भी इस पूरी घटना पर दुख जताया। दोनों ही नेता इस दौरान पत्रकार अक्षय सिंह के अंतिम संस्कार में भी शामिल हुए।

जेटली ने भी निष्पक्ष जांच की बात कही

इस पूरे मामले में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अरुण जेटली ने दुख जताया और कहा कि इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। चाहे वह किसी भी एजेंसी से हो। ताकि इस मामले को लेकर कोई संदेह न रहने पाए।

एम्स में कराई जाए बिसरा की जांच

पत्रकार अक्षय सिंह की बहन ने पक्षी सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को पत्र लिखकर अक्षय के बिसरा की जांच मप्र से बाहर कराने की मांग की है। उन्होंने एम्स का जिक्र किया है। साथ ही कहा है कि एम्स में कराया जाए, तो ज्यादा अच्छा होगा।

जानकारी मिली है, कि सीएम ने अक्षय के परिजनों की इस मांग को स्कीकार कर लिया है और कहा कि परिजन जहां कहें, वहां वह जांच के लिए तैयार है। इसी बीच उन्होंने डीजीपी को बिसरा की जांच एम्स या सीएफएसएल से कराने को कहा है।

Edited By: Bhupendra Singh

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