इंदौर, जेएनएन । महिलाएं प्रबंधन की कला में माहिर होती हैं। घर के कामों का प्रबंधन करने के तरीकों पर अगर ध्यान देंगे तो पता लगता है कि एक साथ कई कामों को महिलाएं बेहतर तरीके से कर पाती हैं। यह कहना है एसपी जैन कालेज के प्रोफेसर सामिष दलाल का। फिक्की फ्लो द्वारा डेली कालेज बिजनेस स्कूल में परिवार के व्यापार विषय पर उन्होंने महिलाओं से बात की।

उन्होंने कहा कि ऐसे ही मुंबई की एक महिला है जो शेयर बाजार में रोजाना घर पर रहकर 15 हजार रुपये तक कमा लेती हैं। उनके परिवार को व्यापार में नुकसान हो रहा था, तो महिला ने व्यापार को बेहतर स्थिति में लाने के लिए सदस्यों से इच्छा जाहिर की लेकिन काफी समय तक परिवार के सदस्यों की पुरानी सोच के कारण वह व्यापार में प्रवेश नहीं कर पाई। बाद में जब मौका मिला तो नुकसान वाले व्यापार को भी फायदे में पहुंचा दिया। मुंबई के मलाड में एक शोरूम था लेकिन इस समय पांच शोरूम हैं। महिलाओं की क्षमता को समझने की जरूरत है और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए परिवार के सदस्यों का पूरा साथ मिलना जरूरी है। अगर महिलाएं व्यापार करना चाहती हैं तो उन्हें एक मौका जरूर देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अब यह सवाल समाप्त हो जाना चाहिए कि परिवार के व्यापार में महिलाएं क्या काम कर सकती हैं। महिलाएं कई मामलों में पुरुषों से बेहतर तरीके से व्यापार को चला सकती हैं, वह भी परिवार की जिम्मेदारी के साथ। मैंने ऐसी कई महिलाओं को देखा है जो ज्यादा पढ़ी- लिखी नहीं हैं। अंग्रेजी भी नहीं आती और व्यापार का कभी अनुभव भी नहीं रहा, लेकिन वे आज ऐसे मुकाम पर हैं, जहां पहुंचने की तमन्ना हर किसी महिला में होती है। यह हो पाया है पुरानी सोच को बदलने और कुछ गुजरने की इच्छा से।

उन्होंने कहा कि यदि आपको व्यक्तिगत जीवन और व्यापार की योजनाओं को समय पर करना है तो मोबाइल में मौजूद कैलेंडर फीचर आपके बहुत काम का है। इसमें समूह का भी विकल्प होता है, जिससे परिवार के सदस्य हों या व्यापार से जुड़े व्यक्ति, एक ही जगह पर अगले दिनों की योजनाओं की जानकारी एक साथ प्रेषित की जा सकती है। इससे आप समय का सही उपयोग कर सकते हैं।

प्रोफेसर दलाल ने कहा कि कई बार हम किसी जगह पर बैठे रहते हैं लेकिन मन में विचार कई जगहों या कामों को लेकर चलते रहते हैं। अगर हमें किसी महत्वपूर्ण काम को करना है तो उसके लिए अलग से समय निकालकर सोचें। मन में चलने वाले विचारों को केवल दिमाग में न रखें। उसके बारे में चिंतन करें। यह तब हो पाएगा, जब आपका फोकस और वरीयता तय हो। बेहतर प्रबंधन की बदौलत ही मुंबई की एक महिला ने आचार बेचने का व्यापार शुरू किया। शुरुआत में कालेज के विद्यार्थियों और प्रोफेसरों को आचार टेस्ट करने के लिए दिया। 2019 में पहला आर्डर 50 किलो, 2020 में 500 किलो और 2021 में 1500 किलो का आर्डर मिला है।

महिला को ज्वाइंट वेंचर पार्टनरशिप का मतलब नहीं पता है लेकिन उसे यह पता है कि किस तरह की गुणवत्ता बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि बड़े सपने देखने या बड़ा व्यापार करने के ख्वाब जरूर बनाएं, लेकिन जो काम सबसे आसान लगता है और आपके सामने हो, उसे कर दो। बड़े सपने अचानक पूरे नहीं होते, इसके लिए आपको छोटी-छोटी सीढ़ियों से ही आगे बढ़ना होगा।

 

Edited By: Priti Jha