विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

MP में चीता प्रोजेक्ट की सफलता को PM मोदी ने बताया 'ऐतिहासिक', CM मोहन बोले- वन्यजीव संरक्षण को मिली नई ऊर्जा

Published: Thu, 01 Oct 2026 08:29 PM (IST)

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चीतों के सफल पुनर्स्थापन की सराहना करने पर आभार व्यक्त किया ...और पढ़ें

कूनो में चीते (फाइल फोटो)

कूनो में चीते (फाइल फोटो)

HighLights

  1. पीएम नरेन्द्र मोदी ने प्रोजेक्ट चीता की सफलता को सराहा।

  2. मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव बोले- यह सराहना नई ऊर्जा देगी।

  3. वन्यजीव संरक्षण से प्रदेश में वन पर्यटन को मिलेगी नई दिशा व गति।

राज्य ब्यूरो, भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश में चीतों के सफल पुनर्स्थापन के लिए किए जा रहे सामूहिक प्रयासों की सराहना की गई है। पीएम मोदी से मिली यह सराहना सभी को नई ऊर्जा और उत्साह प्रदान करने वाली है। डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को 'एक्स' पर लिखा कि प्रोजेक्ट चीता की सफलता ने वन्यजीव संरक्षण के हमारे संकल्प को और भी मजबूत किया है। सच्चे अर्थों में हमारे वनकर्मियों, अधिकारियों, वैज्ञानिकों और स्थानीय समुदायों के समर्पित प्रयासों को इसका श्रेय जाता है।

हम सभी मिलकर वन्यजीवों के सुरक्षित आवास और प्रकृति के संतुलन के संरक्षण में अपना योगदान करें। इससे वन्य जीव संरक्षण के साथ ही प्रदेश में वन पर्यटन को भी नई दिशा और गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने एक अक्टूबर से प्रारंभ हुए वन्यजीव सप्ताह-2026 की शुभकामनाएं भी प्रेषित की हैं।

प्रोजेक्ट चीता की सफलता को सराहा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि पीएम मोदी द्वारा वन्य जीव सप्ताह के संदर्भ में 30 सितंबर को एक संदेश जारी किया गया है। इसमें उन्होंने कहा है कि पिछले एक दशक में भारत ने वन्य जीव संरक्षण के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रोजेक्ट चीता की सफलता इसका उल्लेखनीय उदाहरण है। इसके साथ ही, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, गैंडे, घड़ियाल, स्लाथ बियर, नदी डाल्फिन और हिम तेंदुए जैसी प्रजातियों के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयास हमारे व्यापक होते दायरे का प्रमाण हैं।

बिग कैट एलायंस के संरक्षण में अग्रणी

संदेश में पीएम मोदी ने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) के माध्यम से इन प्रजातियों के संरक्षण में वैश्विक सहयोग को आगे बढ़ाने में नेतृत्वकारी भूमिका निभा रहा है। यह मंच बाघ, शेर, तेंदुआ और जगुआर जैसी प्रमुख बिग कैट प्रजातियों के संरक्षण से जुड़े हमारे अनुभवों को अन्य देशों के साथ साझा करने और उनसे सीखने का अवसर प्रदान करता है। वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन और प्रकृति के संतुलन के लिए उनके आवासों का आपस में जुड़ा होना आवश्यक है।

यह भी पढ़ें- नई दिल्ली में सीएम मोहन यादव ने की पीएम मोदी से भेंट, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 का दिया न्योता

वन्यजीव गलियारों के संरक्षण पर जोर

केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर वन्यजीव गलियारों की पहचान और उनके संरक्षण पर निरंतर कार्य कर रही है। समय पर सूचना और त्वरित प्रतिक्रिया, बेहतर निगरानी, वैज्ञानिक प्रबंधन, स्थानीय स्तर पर जागरूकता और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में देशवासियों से अपील की है कि सरकार के प्रयासों के साथ-साथ हम सभी अपने-अपने स्तर पर वन्यजीवों और उनके आवासों की रक्षा में योगदान दें।