भोपाल, जेएनएन। तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए लोगों ने गैर जरूरी यात्रा से परहेज करना शुरू कर दिया है। इसका असर रेल यातायात पर भी दिख रहा है। भोपाल रेल मंडल से चलने वाली मेमू और लोकल ट्रेनों में यात्रियों में 10 से 16 फीसदी की कमी आई है। यह बात भोपाल रेल मंडल की समीक्षा में भी सामने आई है। अगर इन ट्रेनों में यात्रियों की कमी का स्तर 20 फीसदी तक पहुंच जाता है तो रेलवे इन ट्रेनों का संचालन कुछ दिनों के लिए रोक सकता है। इनमें भोपाल से बीना होते हुए इटारसी के लिए चलने वाली विंध्याचल एक्सप्रेस और मंडल से चलने वाली मेमू जैसी कुछ ट्रेनें शामिल हैं।

एक्सप्रेस ट्रेनों में भी कम हुए यात्री

मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में भी यात्रियों की संख्या घटने लगी है। हजरत निजामुद्दीन के बीच रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से रोजाना चलने वाली शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस ने यात्रियों में 8 फीसदी की कमी की है, हालांकि रेलवे इन ट्रेनों का संचालन बंद नहीं करेगा। रेलवे का कहना है कि इलंबी दूरी की ऐसी ट्रेनें जो एक से दूसरे मंडल और जोन से होकर गुजरती हैं। ऐसी ट्रेनों में एक स्टेशन या दूसरे स्टेशन और मंडल से यात्री नहीं मिलते हैं। इसलिए इन ट्रेनों को रद करना जरूरी नहीं है। रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि अगर मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में यात्रियों की संख्या में 50 फीसदी की कमी आती है तो वे परिचालन बंद करने पर विचार करेंगे। वैसे एक्सप्रेस ट्रेनों में यात्रियों की संख्या में इस तरह कमी आने की संभावना कम बताई जा रही है।

यात्रियों पर सख्त पाबंदी लागू

- मास्क पहनकर यात्रा करने को कहा जा रहा है। भोपाल सहित सभी स्टेशनों पर अनाउंसमेंट कर कहा जा रहा है कि स्टेशन परिसर और ट्रेनों में बिना मास्क के प्रवेश न करें। बिना मास्क यात्रा करते पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

- बिना मास्क के पाए जाने वाले यात्रियों से अतिरिक्त जुर्माना भी वसूल किया जा रहा है। ऐसे यात्रियों को ट्रेनों से भी उतारा जा सकता है या बिना मास्क के पाए जाने वाले यात्रियों को ट्रेन टिकट देने पर अस्थायी रोक लग सकती है।

Edited By: Babita Kashyap