इंदौर, जेएनएन। विदेशों में कोरोनावायरस का एक और नया वैरिएंट मिलने के बाद से चिंता बढ़ गई है। मुख्‍,यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश के बाद स्‍वास्‍थ्‍य विभाग भी अलर्ट हो गया है। नए वैरिएंट को देखते हुए फीवर क्लीनिकों पर कोरोना सैंपलिंग की व्‍यवस्‍था एक बार फिर शुरू की जा रही है। हालांकि बीते कुछ दिनों से कोरोन मरीजों की कम संख्‍या को देखते हुए स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने कोरोना सैंपलों की संख्‍या भी कम कर दी थी। लेकिन सरकारी आदेश के बाद इसे बढ़ाया जाएगा, अब प्रतिदिन आठ से दस हजार नमूनों की जांच की जाएगी। कोविड नियमों को लेकर भी सख्‍त होने की जरूरत है। जिन लोगों ने कोविड वैक्‍सीन की दूसरी डोज अभी तक नहीं ली है उनके खिलाफ भी सख्‍त कार्रवाई की जाएगी।

बीते आठ दिनों में यहां कोरोना के 55 नए मरीजों की पुष्टि हुई है। यहां के लसूडिया, मल्हारगंज, पलासिया, राउ सहित विभिन्‍न इलाकों से मरीज मिल रहे हैं। ये सभी मरीज सघन इलाकों के रहने वाले हैं। ऐसी स्थिति में जरा सी लापरवाही महंगी पड़ सकती है। शनिवार को सामने आये संक्रमण के मामलों में आठ और दस साल की उम्र के दो बच्चे भी शामिल हैं। इंदौर में प्रतिदिन नौ से दस हजार नमूनों की जांच की जा रही है। सीएमएचओ डॉ.बीएस सैत्या केअनुसार अब प्रतिदिन आठ से दस हजार नमूनों की जांच की जाएगी। सोमवार से ही इस दिशा में काम शुरू हो जाएगा। वहीं फीवर क्‍लीनिक में दोबारा सैंपलिंग की व्‍यवस्‍था की जा रही है।

आइआइएम के प्राध्यापक के घर दो बच्चों को हुआ संक्रमण

शनिवार को 10 मरीज सामने आये जिनमें दो बच्‍चे भी शामिल थे। इन बच्‍चों के उम्र आठ से दस वर्ष है। दोनों बच्‍चे आइआइएम के एक प्राध्यापक के परिवार से हैं। बता दें कि प्राध्‍यापक भी कुछ दिन पहले संक्रमित हुए थे। मल्हारगंज क्षेत्र की 37 वर्षीय महिला भी कोरोना संक्रमित मिली है। कुछ दिन पहले ही ये महिला कोलकाता से लौटी थी। वहीं लसूडिया की रहने वाली एक महिला और पलासिया से एक 55 वर्षीय व्‍यक्ति भी कोरोना संक्रमित हुआ है। एमआरटीबी अस्पताल में इन संक्रमितों को भर्ती करवाया गया है।

Edited By: Babita Kashyap