इंदौर, जेएनएन। कोरोना संक्रमण के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन ने चिंता बढ़ा दी है, ऐसे समय में थोड़ी सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है। डॉक्‍टरों की सलाह है कि सर्दी, खांसी, बुखार, सिरदर्द, हाथ-पैरों में दर्द, शरीर में ऐठन, भूख न लगना, सांस लेने में तकलीफ, खाने में स्‍वाद व सूघंने में गंध का पता न लगना जैसा कोई भी लक्षण दिखें तो तुरंत चिकित्‍सक से परामर्श करें। सीएमएचओ ने कहा कि घर में ही रहकर ठीक होने की उम्‍मीद में लोग पांच से सात दिन ऐसे ही निकाल देते हैं जिससे ठीक होने की बजाय हालत और गंभीर हो जाती। फिर ऐसी स्थिति आ जाती है कि अस्‍पताल में भर्ती करवाना पड़ता है। ऐसे में ब्लड प्रेशर, डायबिटीज किडनी, अस्थमा, कैंसर आदि बीमारियों से ग्रसित लोगों को कोरोना से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

सौ प्रतिशत वैक्‍सीनेशन का लक्ष्‍य प्राप्‍त करना आसान नहीं

रविवार को इंदौर में पांच सौ वैक्‍सीन भी नहीं लगी। शहर में अभी भी लगभग पौने चार लाख ऐसे हैं जिन्होंने कोविड वैक्‍सीन की दूसरी खुराक अभी तक नहीं ली है। ऐसी स्थिति में 30 नवंबर तक जिले में शत प्रतिशत वैक्‍सीनेशन का लक्ष्‍य हासिल करना आसान नहीं है। अब तक इस जिले में 54 लाख 73 हजार से अधिक लोग वैक्‍सीन ले चुके हैं। लगभग 24 लाख 9 हजार लोग ऐसे हैं जो दोनों वैक्‍सीन की खुराक ले चुके हैं।

जांच के लिए दिल्ली भेजे जाएंगे सैंपल

स्वास्थ्य विभाग के अुनसार जो लोग कोरोना संक्रमित पाये जा रहे हैं। उनके नमूने अब जांच के लिए नई दिल्ली भेजे जाएंगे जिससे कोविड के नए वैरिएंट के बारे में जानकारी मिल सके।

कोताही न बरतें 

देश में कोरोना मरीजों की संख्‍या बढ़ रही है। आगे मरीजों की संख्‍या के बढ़ने का ट्रेंड क्‍या रहेगा इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता। कोरोना मे नए-नए वैरिएंट आ रहे हैं ऐसे में हमें सतर्क रहने की जरूरत है। कोविड नियमों का पालन करें और वैक्‍सीन अवश्‍य लगवायें। वैक्‍सीन को लेकर बिलकुल भी कोताही न बरतें। इससे आप कोविड के अलावा संक्रामक बीमारियों से भी बचें रहेंगे।

Edited By: Babita Kashyap