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NEET स्कोर पर सवाल: आंसर-की से मिलान में 441 अंक का दावा, रिजल्ट में सिर्फ 145; छात्रा पहुंची हाईकोर्ट

Published: Mon, 03 Aug 2026 08:07 PM (IST)

नीट अभ्यर्थी अंशिका सिंह ने अपने परिणाम में 296 अंकों के कथित अंतर को लेकर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र

-प्रतीकात्मक चित्र

HighLights

  1. अंशिका सिंह ने नीट परिणाम में 296 अंकों का अंतर बताया।

  2. आंसर-की से 441 अंक, जबकि परिणाम में 145 अंक मिले।

  3. छात्रा ने मूल्यांकन प्रक्रिया की जांच के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की।

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के परिणाम में 296 अंकों के कथित अंतर ने अभ्यर्थी अंशिका सिंह को हाई कोर्ट की शरण लेने के लिए मजबूर कर दिया। याचिका में दावा है कि आंसर-की के आधार पर उसके करीब 441 अंक बन रहे थे, लेकिन आधिकारिक परिणाम में केवल 145 अंक दर्ज किए गए।

छात्रा ने मूल्यांकन प्रक्रिया की जांच और परिणाम में कथित विसंगति दूर करने की मांग की है। मामले की सुनवाई प्रशासनिक न्यायमूर्ति आनंद पाठक व न्यायमूर्ति बीपी शर्मा की युगलपीठ के समक्ष प्रस्तावित है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दुर्गेश सिंगरोरे पैरवी कर रहे हैं।

मूल्यांकन प्रक्रिया पर उठाए सवाल

अंशिका सिंह ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर नीट परिणाम और मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। याचिकाकर्ता के अनुसार, आंसर-की के आधार पर उसके अनुमानित अंक और घोषित परिणाम में बड़ा अंतर है। उसने संबंधित परीक्षा प्राधिकरण से मूल्यांकन संबंधी रिकार्ड मंगाकर जांच कराने का आग्रह किया है।

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हाई कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग

याचिका में कहा गया है कि यदि जांच में मूल्यांकन या परिणाम तैयार करने में किसी प्रकार की त्रुटि सामने आती है तो उसे दुरुस्त किया जाए और अभ्यर्थी को उसके वास्तविक अंकों के आधार पर परिणाम का लाभ दिया जाए। इस मामले में हाई कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की गई है।