विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

MP Weather: सौराष्ट्र के सिस्टम का असर, रीवा-शहडोल समेत 7 जिलों में बारिश के आसार; 30-40 किमी की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

Published: Thu, 17 Sep 2026 02:57 PM (IST)

मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियां जारी हैं, सौराष्ट्र के सिस्टम के प्रभाव से रीवा-शहडोल समेत 7 जिलों में तेज ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।

-प्रतीकात्मक चित्र।

HighLights

  1. रीवा-शहडोल संभाग में कई जगह तेज बौछारें संभव।

  2. सौराष्ट्र के पास बना कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है।

  3. पश्चिमी राजस्थान से मानसून वापसी की परिस्थितियां।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियां फिलहाल बनी हुई हैं। पिछले 24 घंटों में रीवा संभाग के जिलों में अनेक स्थानों पर, जबकि शहडोल और सागर संभाग में कुछ स्थानों पर बारिश दर्ज की गई। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और जबलपुर संभाग में कहीं-कहीं वर्षा हुई, जबकि बाकी हिस्सों में मौसम मुख्यत: शुष्क रहा।

मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे तक सतना में 25.2 मिमी, अमरकंटक में 20 मिमी, दमोह में 15 मिमी, सागर में 11 मिमी और सीहोर में 10.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

रीवा-शहडोल संभाग में बारिश के आसार

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले 24 घंटे में सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, अनूपपुर, शहडोल और डिंडौरी जिलों में अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं।

इसके अलावा भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सतना, उमरिया, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है।

वहीं राजगढ़, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर और नीमच में कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है।

अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के अधिकांश जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

सौराष्ट्र के पास बना कम दबाव का क्षेत्र

मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक सौराष्ट्र और उससे लगे उत्तर-पूर्वी अरब सागर के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है। मानसून ट्रफ भी इस सिस्टम से होकर गुजर रही है।

इसके साथ ही उत्तर थाईलैंड के ऊपर बना ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण 18 सितंबर की शाम तक उत्तर अंडमान सागर की ओर पहुंच सकता है। इसके प्रभाव से 19 सितंबर की शाम के आसपास उत्तर अंडमान सागर में नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके बाद इसके धीरे-धीरे मजबूत होकर दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने के आसार हैं।

यह भी पढ़ें- MP Weather: राजस्थान से मानसून की विदाई के संकेत, लेकिन एमपी में अभी जारी रहेगी बारिश; जानें आज कहां पड़ सकती हैं बौछारें

विदाई की ओर मानसून

मौसम विभाग के अनुसार 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं। हालांकि मध्य प्रदेश में अगले पांच दिनों के दौरान मौसम में किसी बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं।