विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

MP में UCC लागू करने की कवायद तेज, राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए अगले हफ्ते भेजा जाएगा विधेयक; इन मामलों में बदलेगा कानून

Published: Fri, 18 Sep 2026 10:33 PM (IST)

मध्य प्रदेश में यूसीसी विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए अगले सप्ताह केंद्र सरकार को भेजा जाएगा, जिससे राज्य ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।

-प्रतीकात्मक चित्र।

HighLights

  1. यूसीसी विधेयक राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए अगले सप्ताह भेजा जाएगा।

  2. विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, लिव-इन संबंधों में समान नियम।

  3. बहुविवाह पर रोक, बेटे-बेटियों को समान उत्तराधिकार मिलेगा।

राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की प्रक्रिया अब अगले चरण में पहुंच गई है। विधानसभा से पारित यूसीसी विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए अगले सप्ताह केंद्र सरकार को भेजने की तैयारी है। राज्यपाल की स्वीकृति के बाद विधि एवं विधायी विभाग ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर प्रस्ताव मुख्यमंत्री कार्यालय भेज दिया है। अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पत्र के साथ विधेयक केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा।

सरकार की ओर से गृह मंत्रालय से अनुरोध किया जाएगा कि विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी दिलाने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद ही प्रदेश में इसे कानून के रूप में लागू करने की दिशा में आगे की कार्रवाई हो सकेगी।

विवाह, तलाक से लेकर लिव-इन तक आएंगे समान नियम

मध्य प्रदेश विधानसभा ने 21 जुलाई 2026 को यूसीसी विधेयक पारित किया था। विधेयक में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और लिव-इन संबंधों से जुड़े मामलों के लिए समान कानूनी प्रावधान किए गए हैं। इसमें बहुविवाह पर रोक, विवाह और तलाक का पंजीयन अनिवार्य करने तथा बेटे-बेटियों को उत्तराधिकार में समान अधिकार देने जैसे प्रावधान शामिल हैं। मध्य प्रदेश के विधेयक में दत्तक ग्रहण से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं।

विधेयक के तहत अनुसूचित जनजातियों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है। UCC से जुड़े राज्यों के कानूनों में यह एक महत्वपूर्ण समानता है, हालांकि अलग-अलग राज्यों के प्रावधान पूरी तरह एक जैसे नहीं हैं।

10 लाख से ज्यादा सुझावों के बाद तैयार हुआ मसौदा

UCC का मसौदा तैयार करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में समिति गठित की थी। समिति ने विभिन्न राज्यों में लागू या प्रस्तावित प्रावधानों का अध्ययन करने के साथ प्रदेश में जनपरामर्श भी किया।

सरकार के अनुसार इस प्रक्रिया में 10 लाख से अधिक सुझाव और प्रतिक्रियाएं प्राप्त हुईं। इन्हें समिति की सिफारिशों और अन्य राज्यों के प्रावधानों के अध्ययन के साथ मसौदा तैयार करने में आधार बनाया गया।

उत्तराखंड में लागू हो चुका कानून

देश में UCC लागू करने वाला पहला राज्य उत्तराखंड है, जहां जनवरी 2025 में कानून प्रभावी हुआ। इसके बाद गुजरात, असम और मध्य प्रदेश की विधानसभाओं ने UCC से जुड़े विधेयक पारित किए हैं, लेकिन इन राज्यों में कानून लागू होने के लिए राष्ट्रपति की अंतिम मंजूरी बाकी है।

गुजरात ने मार्च 2026 और असम ने मई 2026 में अपने-अपने विधेयक पारित किए थे। मध्य प्रदेश में जुलाई में विधेयक पारित हुआ। इसलिए राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने का क्रम यह तय करेगा कि उत्तराखंड के बाद अगला राज्य कौन होगा जहां UCC प्रभावी होगा।

यह भी पढ़ें- MP के पेट्रोल पंपों पर बदलेगा पेमेंट सिस्टम, 2 हजार से ज्यादा के बिल पर UPI भुगतान बंद; 16 अक्टूबर से सिर्फ कैश

2029 से पहले सभी एनडीए शासित राज्यों में यूसीसी का लक्ष्य

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 13 सितंबर को मुंबई में कहा था कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा-एनडीए शासित सभी 21 राज्यों में UCC लागू करने का लक्ष्य है। मध्य प्रदेश का विधेयक फिलहाल राष्ट्रपति की मंजूरी की प्रक्रिया में जाने वाला है।

इस तरह प्रदेश में UCC के लागू होने से पहले अब सबसे महत्वपूर्ण संवैधानिक चरण राष्ट्रपति की स्वीकृति का है। इसके बाद राज्य सरकार नियम बनाने और कानून को प्रभावी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकेगी।