नागपुर से पकड़ा गया बांग्लादेशी घुसपैठिया, कच्छ बॉर्डर के पते पर बना था पासपोर्ट; एमपी STF की जांच तेज
मध्य प्रदेश एसटीएफ ने जाली दस्तावेजों से बांग्लादेशियों के पासपोर्ट बनाने वाले बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। नागपुर से ...और पढ़ें

नागपुर से पकड़े बांग्लादेशी का पासपोर्ट कच्छ बार्डर के गांव के पते पर बना था
HighLights
एमपी एसटीएफ ने जाली पासपोर्ट बनाने वाले नेटवर्क का खुलासा किया।
नागपुर से पकड़े गए आरोपी का पासपोर्ट कच्छ के पते पर बना था।
सत्यापन प्रक्रिया में शामिल सरकारी कर्मचारियों की जांच जारी है।
डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश में जाली दस्तावेज से बांग्लादेशियों के पासपोर्ट बनाने वाले नेटवर्क की कारगुजारियों ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं।
मामले की जांच कर रही राज्य एसटीएफ ने अब तक जिन चार लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें से नागपुर से पकड़े गए एक आरोपित का पासपोर्ट गुजरात में कच्छ जिले के मथल गांव के पते पर बना पाया गया।
कच्छ के पास पाकिस्तान बार्डर लगता है, इसलिए एसटीएफ आरोपित जाय चौधरी बरूआ से गहन पूछताछ कर रही है। वहीं महाराष्ट्र के उल्लासनगर से पकड़े गए प्रियान राय का पासपोर्ट ग्वालियर के डबरा स्थित बौद्ध विहार के पते पर बना है।
एसपी, एसटीएफ राजेश सिंह भदौरिया के अनुसार नागपुर से पकड़े गए बांग्लादेशी का पासपोर्ट गुजरात के कच्छ के पते पर बना था। वहां भी एक टीम भेजी जाएगी।
सत्यापन प्रक्रिया में शामिल पुलिस अधिकारी, पुलिसकर्मी एवं दूसरे विभागों के सरकारी कर्मचारियों की सूची तैयार की गई है।अब एसटीएफ के राडार पर सरकारी विभागों का वह सिस्टम है, जो सत्यापन से लेकर दस्तावेज बनाने वाली प्रक्रिया में शामिल है।
अब तक पुलिस और दूसरे विभागों के कर्मचारियों को मिलाकर 15 लोगों के नाम सूची में हैं। इसमें ग्वालियर के डबरा थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी विनायक शुक्ला, एचसीएम भूपेंद्र गुर्जर सहित अन्य पुलिसकर्मी व पासपोर्ट सेवा केंद्र के कर्मचारी भी हैं।
बता दें कि अभी तक मध्य प्रदेश के दतिया स्थित बौद्ध मठ के पते पर 17, भोपाल के अन्ना नगर स्थित बौद्ध मठ के पते पर 40, बैतूल से 11, छिंदवाड़ा एवं पांढुर्णा जिले से एक-एक फर्जी पासपोर्ट बनाए जाने का मामला सामने आया है।
एसटीएफ ने अभी डबरा के पते पर बने पासपोर्टों की पड़ताल की है। सामने आया था कि सभी के फर्जी तरीके से आधार कार्ड आरोपित रियाल चौधरी ने बनवाए थे। मामले में अभी तक चार आरोपितों की गिरफ्तारी की गई है।
जांच अधिकारियों को आशंका है कि जाली दस्तावेज के आधार पर बने पासपोर्टों की संख्या 200 तक पहुंच सकती है।
स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की जांच में अब तक ऐसे 70 फर्जी पासपोर्ट की पुष्टि हो चुकी है, जबकि अभी 100 से ज्यादा पासपोर्ट और हैं, जिनकी जांच चल रही है।
