MP में प्रमोशन विवाद बना बड़ी रुकावट : 2.5 लाख भर्तियां अटकीं, हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी नजर
मध्य प्रदेश में 2028 तक ढाई लाख पदों पर भर्ती की सरकारी योजना पदोन्नति प्रक्रिया में फंसे पेंच के कारण ...और पढ़ें

प्रमोशन में आरक्षण पर विवाद (प्रतीकात्मक चित्र)

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राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश में 2028 तक ढाई लाख पदों पर भर्ती करने की महत्वाकांक्षी सरकारी योजना फिलहाल ठहराव का शिकार हो गई है। इसकी सबसे बड़ी वजह पदोन्नति (प्रमोशन) प्रक्रिया में अटका पेंच है, जिसके चलते कई पद खाली ही नहीं हो पा रहे और भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
दरअसल, पदोन्नति नियम 2025 को लेकर स्थिति अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। इस मामले में जबलपुर हाई कोर्ट में सुनवाई पूरी हो चुकी है और फैसला सुरक्षित रखा गया है। ऐसे में सरकार चाहकर भी भर्ती प्रक्रिया को पूरी गति नहीं दे पा रही है।
भर्ती की तैयारी अधूरी, पद खाली नहीं
सरकार ने योजना बनाई थी कि तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीके से ढाई लाख पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इसके लिए वित्त विभाग से मंजूरी लेकर सामान्य प्रशासन विभाग ने दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए थे। लेकिन पदोन्नति नियम कानूनी उलझनों में फंस जाने के कारण जिन पदों को प्रमोशन से खाली होना था, वे अब तक खाली नहीं हो पाए। नतीजतन, फिलहाल सिर्फ नए स्वीकृत पदों- जैसे शिक्षक, पुलिस आरक्षक और स्वास्थ्य कर्मियों—पर ही भर्तियां आगे बढ़ रही हैं।
8 साल से इंतजार में कर्मचारी
पदोन्नति में देरी से सरकारी कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। कई कर्मचारी ऐसे हैं जो पात्र होने के बावजूद पिछले 8 वर्षों से प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं और इस बीच सेवानिवृत्त भी हो रहे हैं।
मंत्रालय अधिकारी-कर्मचारी सेवा संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक का कहना है कि यदि नियमों को अखिल भारतीय सेवा संवर्ग के अनुरूप बनाया जाता, तो यह स्थिति ही नहीं बनती। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई बार ज्ञापन भी दिए गए, लेकिन अब तक समाधान नहीं निकला।
प्रभार देकर काम चलाने की कोशिश
हाई कोर्ट के फैसले में देरी के कारण प्रशासनिक कामकाज प्रभावित होने लगा था। ऐसे में कुछ विभागों ने अब फिर से योग्य अधिकारियों को उच्च पदों का प्रभार देना शुरू कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, पहले संभावित फैसले को देखते हुए यह व्यवस्था रोक दी गई थी, लेकिन अब कामकाज प्रभावित होने पर इसे दोबारा लागू किया गया है।
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फैसले पर टिकी उम्मीदें
सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सरकार की तैयारी पूरी है और जैसे ही हाई कोर्ट का निर्णय आएगा, उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, लाखों युवाओं की उम्मीदें और हजारों कर्मचारियों की पदोन्नति दोनों ही अदालत के फैसले पर टिकी हुई हैं।
