विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

MP के 4.40 लाख पेंशनरों में नाराजगी : महंगाई राहत बढ़ोतरी में देरी पर सरकार पर लगाया भेदभाव का आरोप

Published: Tue, 03 Mar 2026 09:54 PM (IST)

मध्य प्रदेश के 4.40 लाख पेंशनर 1 जनवरी 2026 से महंगाई राहत में 3% वृद्धि के निर्णय से असंतुष्ट हैं। ...और पढ़ें

महंगाई राहत को लेकर पेंशनर्स खिन्न। (प्रतीकात्मक चित्र)

महंगाई राहत को लेकर पेंशनर्स खिन्न। (प्रतीकात्मक चित्र)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

राज्य ब्यूरो, भोपाल। प्रदेश के करीब 4.40 लाख पेंशनरों ने एक जनवरी 2026 से महंगाई राहत में तीन प्रतिशत वृद्धि के निर्णय पर असंतोष जताया है। पेंशनर्स संगठनों का कहना है कि सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों के बीच दोहरा मापदंड अपना रही है।

पेंशनरों का तर्क है कि जहां शासकीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता जुलाई 2025 से बढ़ाया गया है और आठ माह का एरियर छह किस्तों में देने का निर्णय लिया गया है, वहीं पेंशनरों को इसका लाभ छह माह बाद दिया जा रहा है। इसे उन्होंने खुला भेदभाव करार दिया है।

संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप

पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के संरक्षक गणेश दत्त जोशी और प्रदेश अध्यक्ष आमोद सक्सेना ने बयान जारी कर कहा कि महंगाई का प्रभाव कर्मचारियों और पेंशनरों पर समान रूप से पड़ता है। ऐसे में अलग-अलग समय पर राहत देना उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 81 माह के एरियर की राशि अब तक जारी नहीं की गई है, जिससे पेंशनरों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

यह भी पढ़ें- DA Hike in MP: होली पर सरकारी कर्मचारियों को तोहफा, महंगाई भत्ता बढ़कर 58% हुआ, पेंशनरों को भी राहत

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला

संगठन ने पांच फरवरी 2026 को बंगाल सरकार की विशेष अनुमति याचिका पर आए उच्चतम न्यायालय के निर्णय का उल्लेख करते हुए कहा कि अदालत ने स्पष्ट किया है कि पेंशनरों की महंगाई राहत में मनमानी कटौती या देरी असंवैधानिक है। यह कोई बोनस या अतिरिक्त लाभ नहीं, बल्कि उनका कानूनी अधिकार है।

पेंशनर्स संगठनों ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर कर्मचारियों और पेंशनरों के बीच की इस असमानता को समाप्त करने की मांग की है।