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MP में 6 भर्ती परीक्षाओं के रिजल्ट पर संकट! OBC आरक्षण पर हाई कोर्ट के फैसले से उलझन में कर्मचारी चयन मंडल

Published: Tue, 13 Oct 2026 09:32 PM (IST)

हाई कोर्ट ने 27% ओबीसी आरक्षण के अतिरिक्त 13% हिस्से को अवैधानिक करार दिया; वनरक्षक, जेल प्रहरी और पटवारी समेत कई परीक्षाओं के परिणाम जारी करने के फॉर्मूले पर असमंजस।

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HighLights

  1. हाई कोर्ट के फैसले से 27% ओबीसी आरक्षण पर उलझन।

  2. मध्य प्रदेश में छह भर्ती परीक्षाओं के परिणाम अटके।

  3. कर्मचारी चयन मंडल सामान्य प्रशासन से मार्गदर्शन का इंतजार।

राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को लेकर हाई कोर्ट के फैसले के बाद भर्ती परीक्षाओं के परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया उलझ गई है। कर्मचारी चयन मंडल की छह परीक्षाओं के रिजल्ट प्रभावित होने की आशंका है। मंडल के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि परिणाम 14 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के आधार पर जारी किए जाएं या पहले की तरह 13 प्रतिशत पदों को रोककर चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।

हाई कोर्ट ने वर्ष 2019 में ओबीसी आरक्षण को 14 से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने के फैसले के तहत बढ़ाए गए अतिरिक्त 13 प्रतिशत आरक्षण को अवैधानिक करार देते हुए निरस्त कर दिया है। इसके बाद भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण लागू करने के तरीके को लेकर नई स्थिति बन गई है। सूत्रों के मुताबिक, कर्मचारी चयन मंडल परिणाम घोषित करने से पहले सामान्य प्रशासन विभाग से मार्गदर्शन लेने की तैयारी में है।

वनरक्षक, जेल प्रहरी और पटवारी भर्ती के रिजल्ट पर नजर

कर्मचारी चयन मंडल वनरक्षक एवं जेल प्रहरी, समूह-2 उपसमूह-4, पटवारी और सहायक उप निरीक्षक (कंप्यूटर) सहित विभिन्न पदों के लिए परीक्षाएं आयोजित कर चुका है। अब इन परीक्षाओं के परिणाम जारी किए जाने हैं, लेकिन आरक्षण संबंधी फैसले के बाद चयन प्रक्रिया के अगले चरण को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

अब तक 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण से जुड़े विवाद के कारण 13 प्रतिशत पदों के परिणाम रोककर शेष पदों पर चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही थी। हाई कोर्ट के हालिया फैसले के बाद इस व्यवस्था में बदलाव की जरूरत पड़ सकती है।

14% आरक्षण के साथ परिणाम या रुके पदों पर भी चयन?

हाई कोर्ट के फैसले के बाद सामने आए निर्देशों के मुताबिक, फिलहाल 14 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के आधार पर परिणाम जारी करने और पहले रोके गए 13 प्रतिशत पदों को अनारक्षित श्रेणी में भरने की व्यवस्था लागू है। हालांकि, भर्ती परीक्षाओं के परिणामों में इस व्यवस्था को किस तरह लागू किया जाए, इसे लेकर कर्मचारी चयन मंडल स्पष्टता चाहता है।

सूत्रों के अनुसार, मंडल सामान्य प्रशासन विभाग से यह जानना चाहता है कि परिणाम जारी करते समय किस प्रक्रिया और फॉर्मूले का पालन किया जाए। आरक्षण से जुड़े कानूनी पहलुओं और उच्च स्तर पर चल रहे विचार-विमर्श के कारण अंतिम निर्णय का इंतजार है।

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आधिकारिक तौर पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं

मामले में कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा जारी है। फिलहाल कर्मचारी चयन मंडल और सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारी आधिकारिक तौर पर कुछ कहने से बच रहे हैं। ऐसे में अभ्यर्थियों को परिणामों की समयसीमा और चयन प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट निर्देशों का इंतजार करना पड़ सकता है।

छह भर्ती परीक्षाओं के परिणाम कब घोषित होंगे, यह सामान्य प्रशासन विभाग के मार्गदर्शन और आगे होने वाले निर्णयों पर निर्भर करेगा।