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कर्नल सोफिया विवाद में मंत्री विजय शाह के विरुद्ध मुकदमा चलाने की मंजूरी नहीं, MP सरकार सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगी रिपोर्ट

Published: Tue, 15 Sep 2026 05:01 PM (IST)

मंत्री विजय शाह पर अभियोजन की अनुमति न देने की कैबिनेट की अनुशंसा पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल लगा चुके हैं ...और पढ़ें

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HighLights

  1. मंत्री विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति नहीं।

  2. एमपी सरकार सुप्रीम कोर्ट को जल्द इस आशय की रिपोर्ट सौंपेगी।

  3. राज्यपाल कैबिनेट की अनुशंसा पर पहले ही लगा चुके हैं मुहर।

राज्य ब्यूरो, भोपाल। ऑपरेशन सिंदूर में सेना के पराक्रम की जानकारी देशवासियों के सामने लाने की जिम्मेदारी निभाने वाली सैन्य अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित बयान देने वाले प्रदेश शासन के मंत्री विजय शाह के विरुद्ध मुकदमा चलाने की अनुमति नहीं देने की रिपोर्ट सरकार सुप्रीम कोर्ट को देगी।

कैबिनेट की अनुशंसा पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल द्वारा लगाई गई मुहर का गृह विभाग ने अपने स्तर पर भी परीक्षण कराकर आदेश प्रारूप मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजा है। एक-दो दिन में हरी झंडी मिलते ही गृह विभाग अभियोजन की स्वीकृति न दिए जाने संबंधी आदेश जारी करके रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट भेजेगा।

यह था मामला

मंत्री विजय शाह ने 11 मई 2025 को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में एक कार्यक्रम के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी करते हुए कहा था कि उन्होंने (आतंकियों ने) कपड़े उतार-उतारकर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उन्हीं की बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा। उनके इस बयान पर खूब बवाल मचा।

एसआईटी ने सौंपी सीलबंद रिपोर्ट

उनकी इस टिप्पणी का हाईकोर्ट ने संज्ञान लेकर प्राथमिकी के निर्देश दिए। आगे मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन हुआ। एसआईटी ने जांच करके सीलबंद रिपोर्ट न्यायालय को सौंपी और विजय शाह के विरुद्ध मुकदमा चलाने के लिए अभियोजन की स्वीकृति मांगी थी। लगातार मामला टलने पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए सरकार को शीघ्र निर्णय करने के निर्देश दिए।

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कैबिनेट की अनुशंसा पर राज्यपाल ने लगाई मुहर

31 अगस्त को सुनवाई से पहले 25 अगस्त को कैबिनेट की बैठक में राज्यपाल (सक्षम प्राधिकारी) से मुकदमा न चलाने संबंधी अनुशंसा का निर्णय लेकर प्रस्ताव भेजा, जिसे अनुमोदन के साथ उन्होंने लौटा दिया। सूत्रों का कहना है कि गृह विभाग ने विधि एवं विधायी विभाग से आदेश के प्रारूप का परीक्षण कराकर मुख्यमंत्री कार्यालय भेजा है। यहां से हरी झंडी मिलते ही विभाग सरकार के निर्णय के आधार पर आदेश जारी कर रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में जमा कराएगी।