भोपाल, जेएनएन। डेंगू के कारण शहर के निजी अस्पताल में पिछले एक से डेढ़ माह में एक दर्जन से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है लेकिन स्वास्थ्य विभाग बेखबर है स्वास्थ विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अभी तक जिले में सिर्फ डेंगू से एक ही मौत हुई है। अरविंदो अस्पताल में पिछले माह डेंगू से 12 से ज्यादा बच्चों की मौत हुई है, इस माह भी अब तक चार बच्चों की मौत हुई है। अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ गुंजन केला के मुताबिक गंभीर हालत में भर्ती हुए बच्चों की डेंगू प्रोफाइल जांच भी करवाई गई है, इसके आधार पर सभी का उपचार किया जा रहा था। 

गौरतलब है कि बारिश खत्म होने के बाद भी डेंगू मरीजों की संख्या कम नहीं हो रही है। हालत यह है कि प्रदेश में हर दिन औसतन 100 से ज्यादा मरीज मिल रहे हैं। अक्टूबर के 12 दिन में डेंगू के 1710 मरीज मिल चुके हैं, जबकि सितंबर में 4016 मरीज मिले थे। पिछले छह सालों में डेंगू मरीजों की यह सबसे ज्यादा संख्या है। इसके पहले 2018 में 4506 मरीज मिले थे ।

गौरतलब है कि यह आंकड़ा डराने वाला है और डरना लाजमी भी है, क्योंकि डेंगू की बीमारी जानलेवा भी है। खास बात यह है कि डेंगू का मच्छर घर में स्वस्थ्य व्यक्ति को आसानी से अपना शिकार बनाता है और डेंगू का लार्वा भी सबसे अधिक घरों में ही मिल रहा है। इसके बाद भी लोग अपने घर की साफ सफाई पर दस मिनट का समय देने में हिचकिचाते हैं। यदि हर व्यक्ति यह ठान ले कि हर दिन दस मिनट घर व आसपास की साफ सफाई के लिए देना है तथा इस बात का ध्यान रखना है कि घर हो या बाहर साफ पानी जमा नहीं होने देना, तो डेंगू के संकट से पीछा छुड़ाना मुश्किल नहीं होगा। डेंगू की रफ्तार बारसात के बाद तेजी से बढ़ी है।

Edited By: Priti Jha