MP में कमर्शियल LPG की आपूर्ति दस प्रतिशत बढ़ाई, अब 30% होगी, सेक्टरवार तय हुआ कोटा
मप्र में वाणिज्यिक गैस आपूर्ति व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। शैक्षणिक, चिकित्सा संस्थानों और आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए सेक्टरवार कोटा तय किया गया है।

कमर्शियल गैस सिलिंडर (प्रतीकात्मक चित्र)

समय कम है?
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राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश में कमर्शियल गैस की आपूर्ति व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। अब कुल उपलब्ध गैस में से 20% की जगह 30% हिस्सेदारी कमर्शियल उपयोग के लिए तय की गई है। इसके साथ ही अलग-अलग सेक्टर के लिए स्पष्ट कोटा निर्धारित कर दिया गया है, ताकि आवश्यक सेवाओं और संस्थानों को प्राथमिकता मिल सके।
इस तरह होगा आवंटन
नई व्यवस्था के तहत शैक्षणिक और चिकित्सा संस्थानों को उनकी जरूरत की 100% गैस उपलब्ध कराई जाएगी, जो कुल कमर्शियल गैस का लगभग 30% हिस्सा होगी। वहीं होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग सेक्टर को 9-9% तथा ढाबा और स्ट्रीट फूड वेंडर्स को 7% गैस आवंटित की जाएगी।
सरकार ने आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए केंद्रीय सशस्त्र बल, पुलिस, जेल, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय विभाग के संस्थानों, एयरपोर्ट और दीनदयाल रसोई योजना के लिए 35% गैस तय की है। इसके अलावा फार्मास्यूटिकल, फूड प्रोसेसिंग, पोल्ट्री और सीड प्रोसेसिंग उद्योग को 5% तथा अन्य उद्योगों के लिए 5% गैस प्रकरण के आधार पर उपलब्ध कराई जाएगी।
खाद्य विभाग ने जारी किए आदेश
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सोमवार को सभी कलेक्टरों को इस नई व्यवस्था के आदेश जारी कर दिए हैं। इससे पहले गैस वितरकों ने अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी से मुलाकात कर गैस की कमी से हो रही व्यावसायिक दिक्कतों को लेकर चिंता जताई थी।
PNG को प्रोत्साहन
केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन को बढ़ावा देने और पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया है। उद्योगों और व्यावसायिक संस्थानों से अपील की गई है कि वे उपलब्धता के अनुसार पीएनजी कनेक्शन अपनाएं।
इधर, राहत की बात यह है कि पेट्रोल, डीजल, घरेलू पीएनजी और सीएनजी की आपूर्ति प्रदेश में पूरी तरह सामान्य और निर्बाध बनी हुई है। अधिकारियों के मुताबिक गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और ऑनलाइन बुकिंग का आंकड़ा भी 90% के पार पहुंच गया है।
कालाबाजारी/जमाखोरी पर कार्रवाई
वहीं कालाबाजारी और जमाखोरी पर नकेल कसने के लिए प्रदेशभर में 1,844 स्थानों पर कार्रवाई करते हुए 2,717 गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं, जिससे व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने की कोशिश की जा रही है।
