मोहन कैबिनेट का बड़ा ऐलान: छात्रों के खाते में आएंगे ₹600, अग्निवीरों को सरकारी भर्ती में 20% आरक्षण
मोहन कैबिनेट ने स्कूली छात्रों को गणवेश के बदले ₹600 नकद देने और अग्निवीरों को सरकारी भर्तियों में 20% आरक्षण ...और पढ़ें

मप्र में हुई मोहन कैबिनेट की बैठक।
HighLights
कक्षा पहली से आठवीं के छात्रों को गणवेश के बदले ₹600 मिलेंगे।
अग्निवीरों को सरकारी वर्दीधारी पदों में 20% आरक्षण मिलेगा।
दमोह-कटनी मार्ग और छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज के निर्माण को मंजूरी।
डिजिटल डेस्क, भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक में स्कूली शिक्षा, अग्निवीरों के रोजगार और प्रदेश के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई। सरकार ने शासकीय स्कूलों में अध्ययनरत कक्षा 1 से 8वीं तक के विद्यार्थियों को गणवेश के बदले नकद राशि देने का निर्णय लिया है। वहीं, पुलिस, वन विभाग समेत अन्य वर्दीधारी सरकारी पदों की भर्ती में अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया गया है।
ड्रेस की जगह 58 लाख छात्रों को मिलेंगे ₹600
कैबिनेट ने सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 8वीं तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए गणवेश व्यवस्था में बदलाव को मंजूरी दी है। अब विद्यार्थियों को ड्रेस उपलब्ध कराने के बजाय ₹600 की राशि दी जाएगी। यह रकम विद्यार्थियों या उनके अभिभावकों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए सीधे ट्रांसफर की जाएगी।
सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के करीब 58 लाख विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। इससे गणवेश के लिए मिलने वाली राशि सीधे हितग्राही तक पहुंच सकेगी।
वर्दीधारी भर्ती में अग्निवीरों को 20% आरक्षण
कैबिनेट ने अग्निवीरों के लिए भी अहम निर्णय लिया है। सेना में सेवा पूरी करने के बाद सरकारी नौकरी के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य की पुलिस, वन विभाग और अन्य वर्दीधारी पदों की भर्तियों में अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया गया है। इस व्यवस्था के तहत अग्निवीरों को राज्य की वर्दीधारी सेवाओं में भर्ती के दौरान आरक्षण का लाभ मिलेगा।
दमोह-कटनी मार्ग को मंजूरी
बैठक में प्रदेश के बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रस्तावों पर भी निर्णय लिया गया। कैबिनेट ने दमोह-कटनी मार्ग के निर्माण कार्य को मंजूरी दी है। इससे दोनों क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा छिंदवाड़ा मेडिकल साइंस कॉलेज के निर्माण के लिए पुनरीक्षित स्वीकृति भी प्रदान की गई। इससे क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने का रास्ता साफ होगा।
