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मध्य प्रदेश विधानसभा में UCC बिल पास, उत्तराखंड-गुजरात और असम के बाद ऐसा करने वाला चौथा राज्य बना

Published: Tue, 21 Jul 2026 03:37 PM (IST)Updated: Tue, 21 Jul 2026 04:41 PM (IST)

मध्य प्रदेश विधानसभा ने समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को मंजूरी दे दी है, जिससे यह उत्तराखंड, गुजरात और असम ...और पढ़ें

मध्य प्रदेश विधानसभा में UCC विधेयक पास (यह फोटो Ai द्वारा बनाई गई है)

मध्य प्रदेश विधानसभा में UCC विधेयक पास (यह फोटो Ai द्वारा बनाई गई है)

HighLights

  1. UCC विधेयक मध्य प्रदेश विधानसभा में पारित हुआ।

  2. मध्य प्रदेश UCC पारित करने वाला चौथा राज्य बना।

  3. लिव-इन रजिस्ट्रेशन, हलाला पर नए प्रावधान होंगे।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में भारी हंगामे के बीच समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को मंजूरी मिल गई है। उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद मध्य प्रदेश UCC लागू करने वाला चौथा राज्य बनेगा।

मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्ष ने भारी हंगामा किया, लेकिन नारेबाजी और तीखी बहस के बीच 'समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक' बहुमत से पारित हो गया है।

सीएम ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, 'विपक्ष के लोग इस महत्वपूर्ण विषय पर दोहरा रवैया अपना रहे हैं। दुनिया देख रही है। यह स्वयं लज्जित होंगे। माताएं-बहनें इन्हें माफ नहीं करेंगी।'

भारी हंगामे के बीच विधेयक पास

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जब विधेयक पर अपना वक्तव्य रख रहे थे, तब कांग्रेस विधायकों ने लगातार विरोध किया और 'चंदा चोरों, गद्दी छोड़ो' के नारे लगाए।

विधानसभा में भारी हंगामे के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधेयक पर अपना वक्तव्य देते हुए विपक्ष पर हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा, 'कांग्रेस हमेशा से तुष्टिकरण और मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति करती आई है और देश की जनता की पीठ में खंजर घोंपने का काम किया है।'

लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी

मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश की धरती पर वही रहेगा जिसने एक विवाह किया हो। एक से अधिक विवाह करने वाला अब जेल जाएगा। आज हम इतिहास बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, 'कुछ लोग बहनों को खिलौना मान लेते हैं। बहनों का जीवन नर्क बनाने वालों को जहन्नुम में पहुंचने का काम हमारी सरकार करेगी। राम से रहीम तक प्रत्येक नागरिक एक कानून से चले, इसके लिए समान नागरिक संहिता लाई गई है।'

विधेयक में लिव-इन रिलेशनशिप और विवाह को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रविधान प्रस्तावित किए गए। विधेयक के कानून बनने के बाद मध्य प्रदेश में लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन कराना भी जरूरी होगा।

प्रदेश में यूसीसी के लागू होने के बाद कई तरह के प्रविधान लागू होंगे। यूसीसी के लागू होते ही तलाक के बाद उसी जीवनसाथी से दोबारा शादी करने के लिए हलाला जैसी अपमानजनक या नीचा दिखाने वाली शर्तों को मानना, बढ़ावा देना या मजबूर करना दंडनीय अपराध माना जाएगा।

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