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MP में 21 साल बाद फिर लौटी सरकारी बस सेवा, 351 बसों से शुरुआत; भोपाल से गडकरी-मोहन यादव ने किया शुभारंभ

Published: Fri, 25 Sep 2026 02:57 PM (IST)

मध्य प्रदेश में 21 साल के लंबे अंतराल के बाद सरकारी बस सेवा की फिर से शुरुआत हुई है। केंद्रीय ...और पढ़ें

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी व सीएम डॉ. मोहन यादव ने सुगम बस सेवा का शुभारंभ किया।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी व सीएम डॉ. मोहन यादव ने सुगम बस सेवा का शुभारंभ किया।

राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश में 21 साल के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर सरकारी बस सेवा की शुरुआत हो गई है। शुक्रवार को भोपाल में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रिमोट के माध्यम से 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों को हरी झंडी दिखाई। पहले चरण में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड को इस सेवा से जोड़ा गया है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2031 तक प्रदेश में 15 हजार बसों का संचालन करना है। इसके लिए हर साल ढाई से तीन हजार नई बसें सेवा में शामिल करने की योजना है।

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत शुरू हुई इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर बड़े शहरों तक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा का विस्तार होगा। योजना के पहले चरण में इंदौर को सबसे ज्यादा 145 बसें मिली हैं। भोपाल में 106 और जबलपुर में 67 बसों का संचालन शुरू किया जा रहा है। सरकार का दावा है कि आधुनिक सुविधाओं से लैस ये बसें यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक सफर उपलब्ध कराएंगी।

गडकरी बोले- मध्य प्रदेश में 25 हजार बसों की क्षमता

भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि मध्य प्रदेश में 972 बसें स्वीकृत की गई हैं, जबकि प्रदेश में 25 हजार बसों के संचालन की क्षमता है। उन्होंने कहा कि देश में प्रति एक हजार लोगों पर औसतन दो बसें हैं। सार्वजनिक परिवहन की क्षमता बढ़ाने की जरूरत है।

गडकरी ने कहा कि बसों के निर्माण में पहले सुरक्षा मानकों का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा जाता था, लेकिन अब विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप बसें तैयार करने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षित परिवहन व्यवस्था पर जोर दिया। उन्होंने परिवहन मंत्री से बसों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और आरटीओ स्तर पर भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की बात भी कही।

उन्होंने कहा कि दिव्यांगों और बुजुर्गों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बसों में हाइड्रोलिक व्यवस्था की जाएगी, जिससे बस को नीचे किया जा सकेगा और यात्रियों के लिए चढ़ना-उतरना आसान होगा।

इलेक्ट्रिक बसों और स्वच्छ ईंधन पर जोर

गडकरी ने परिवहन क्षेत्र में प्रदूषण कम करने के लिए स्वच्छ ईंधन के इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल के इस्तेमाल यानी ई-20 ईंधन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उनके मुताबिक, इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर और हाइड्रोजन से चलने वाले वाहन भी परिवहन के नए विकल्प बन रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के देवास में इलेक्ट्रिक बसों का निर्माण किया जा रहा है। भविष्य में इथेनॉल से चलने वाले फ्लेक्स इंजन वाहन भी आएंगे। गडकरी ने दावा किया कि इथेनॉल के उपयोग से किसानों की आय में बड़ा इजाफा हो सकता है और करीब 22 लाख करोड़ रुपये किसानों की जेब में पहुंचाने की संभावना है।

निजी वाहन चालकों को परिवहन सेवा से जोड़ने की अपील

गडकरी ने कैब एग्रीगेटर मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि निजी दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को भी परिवहन सेवाओं से जोड़ने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि तीन राज्यों में इस मॉडल को लागू करने से चार करोड़ ड्राइवरों को रोजगार मिला है। सभी राज्य इसे अपनाते हैं तो 12 करोड़ रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।

उन्होंने मध्य प्रदेश के परिवहन मंत्री से भी इस व्यवस्था को लागू करने का आग्रह किया, ताकि प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें।

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मोहन यादव बोले- गांवों तक पहुंचेगी बस सेवा

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में पांच लाख किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण हो चुका है और राष्ट्रीय राजमार्गों का नेटवर्क लगातार बढ़ा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में सड़क विकास को गति मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ई-बस और मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को नई दिशा देगी। सरकार राज्य के भीतर और दूसरे राज्यों तक भी बस सेवा का विस्तार करेगी। उन्होंने कहा कि करीब 1,500 बसों के माध्यम से जनता को परिवहन सुविधा देने की योजना है।

यादव ने कहा कि आदिवासी अंचलों में पहले टेंपो जैसी छोटी गाड़ियों के सहारे लोगों को सफर करना पड़ता था। अब गांवों तक बस सेवा पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर परिवहन से जोड़ना सरकार के संकल्प का हिस्सा है।

GPS, CCTV और पैनिक बटन से लैस होंगी बसें

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई बसों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए जीपीएस, सीसीटीवी कैमरे और पैनिक बटन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे बसों की लोकेशन पर नजर रखने के साथ आपात स्थिति में मदद पहुंचाने में भी सहूलियत होगी। चालकों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा गया है।

उन्होंने कहा कि असुरक्षित और ओवरलोड वाहनों के कारण पहले दुर्घटनाएं होती थीं। नई तकनीक के जरिए सुरक्षित परिवहन व्यवस्था विकसित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह फैसला अचानक नहीं लिया गया, बल्कि वर्ष 2025 में कैबिनेट की बैठक में इस संबंध में निर्णय हुआ था।

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टोल फ्री रहेगा शाहपुरा का मार्ग

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी प्रदेश के विकास के लिए खुले हाथ से सहयोग करते हैं। उन्होंने बताया कि शाहपुरा में नया ब्रिज बनने तक संबंधित मार्ग पर टोल फ्री सुविधा जारी रहेगी।

यादव ने कहा कि डीजल-पेट्रोल पर निर्भरता कम करने के दौर में इलेक्ट्रिक बसें बेहतर विकल्प हैं। उन्होंने अपनी सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार फाइलों से नहीं, बल्कि जनता के फैसलों के आधार पर चलती है।

उदय प्रताप बोले- 21 साल बाद आम आदमी को मिली परिवहन सेवा

प्रदेश के परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि 21 साल बाद आम आदमी के लिए सार्वजनिक परिवहन सेवा दोबारा शुरू हो रही है। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत की जा रही है।

मंत्री ने कहा कि योजना तैयार करते समय बस मालिकों के हितों का भी ध्यान रखा गया है। मुख्यमंत्री ने छोटे बस संचालकों को भी इस व्यवस्था में भागीदारी का अवसर दिया है। उन्होंने कांग्रेस की ओर से बसों की गुणवत्ता को लेकर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि छोटे बस मालिकों को अपमानित करने के बजाय उन्हें अवसर देना चाहिए।

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लोकपथ एप बताएगा बसों का रूट और समय

लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि 351 आधुनिक बसों की शुरुआत के साथ 21 साल से प्रतीक्षित सार्वजनिक परिवहन सेवा का सपना साकार हो रहा है। उन्होंने लोकपथ एप की उपयोगिता बताते हुए कहा कि इस एप के माध्यम से यात्रियों को बसों के रूट और उनके आने-जाने के समय की जानकारी मिलेगी।

एप पर गंतव्य, पर्यटन स्थल, टोल नाके और अस्पतालों की जानकारी भी उपलब्ध होगी। यात्री यह जान सकेंगे कि कौन-सी बस कहां से और किस समय रवाना होगी। मंत्री के मुताबिक, लोकपथ एप पहले ही 95 प्रतिशत से अधिक सफलता के साथ काम कर रहा है।

निजी भागीदारी से बढ़ेगा बसों का नेटवर्क

सरकारी बस सेवा को विस्तार देने के लिए निजी जनभागीदारी मॉडल अपनाया जाएगा। इसके तहत निजी बस ऑपरेटरों को पारदर्शी अनुबंध प्रणाली और प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से जोड़ा जाएगा। बस संचालकों को विज्ञापन और कार्गो सेवाओं जैसे गैर-किराया स्रोतों से अतिरिक्त आय अर्जित करने के अवसर मिलेंगे। साथ ही आधुनिक डिपो और टर्मिनल सुविधाओं का भी उपयोग किया जा सकेगा।

सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से बसों की संख्या बढ़ाने के साथ ही यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।