मध्य प्रदेश: चीता के शिकार मामले में एनटीसीए व डब्ल्यूसीसीबी की टीम पहुंची कूनो, अधिकारियों पर हो सकती है कार्रवाई
कूनो नेशनल पार्क में चीता शावक के शिकार मामले में केंद्रीय एजेंसियों (डब्ल्यूसीसीबी और एनटीसीए) ने जांच शुरू कर दी ...और पढ़ें

जांच के लिए कूनो पहुंचीं केंद्रीय एजेंसियां

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, भोपाल। कूनो नेशनल पार्क से बाहर निकले मादा चीता निर्वा के 19 माह के शावक के शिकार मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों ने भी शुरू कर दी है।
गुरुवार को वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) की डायरेक्टर रुचिका ऋषि व राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के महानिरीक्षक डॉ. संजयन कुमार कूनो पार्क पहुंचे। कूनो प्रबंधन से जानकारी लेने के बाद उस स्थान का मुआयना किया, जहां चीता घायलावस्था में मिला था।
केंद्रीय एजेंसियों के अधिकारियों के संज्ञान में यह बात आई कि जंगल से सटे गांवों में बड़ी संख्या में अवैध बंदूकें हैं। यहां के कई लोग शिकार की घटनाओं में संलिप्त रहे हैं। बता दें कि कूनो पार्क से बाहर विजयपुर वन परिक्षेत्र में 25 अक्टूबर को शावक गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला था।
27 अक्टूबर को सर्जरी के दौरान उसकी मौत हो गई थी। उसके शरीर में बंदूक से चली गोली के पांच छर्रे मिले थे। इसके बाद वन विभाग ने जांच के लिए एसटीएफ का गठन किया था।
एसटीएफ की टीम के साथ ही कूनो वनमंडल, श्योपुर-मुरैना और ग्वालियर की वन व पुलिस टीमें श्वान दस्ते के साथ जांच में जुटी हैं, लेकिन शिकारियों का अभी तक कोई सुराग नहीं लग सका है। इधर केंद्रीय एजेसियों की जांच पड़ताल के बाद माना जा रहा है कि चीतों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था में लापरवाही की गाज कुछ अधिकारियों पर गिर सकती है।
