ग्वालियर, जागरण ऑनलाइन डेस्क। इस बार ध्रुव योग में जन्माष्टमी 19 अगस्त को मनाई जाएगी। जन्माष्टमी की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। शहर में स्थित मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया जाएगा। विशेष तैयारियां फूलबाग स्थित गोपाल मंदिर पर की जा रही हैं। मंदिर बुधवार शाम से ही आकर्षक रोशनी से जगमग हो चुका है। यहां विराजित भगवान श्री कृष्ण और राधाजी की श्वेत संगमरमर की मूर्तियों को करोड़ों रुपये के एंटीक गहनों से सजाया जाएगा।

मालूम हो कि ये गहने सिंधिया राजवंश के तत्कालीन महाराजा माधवराव ने 1921 में मंदिर के जीर्णोंद्घार के बाद बनवाए थे। वर्ष 2007 से इन्हें नियमित तौर पर हर जन्माष्टमी के दिन निकालकर राधाकृष्ण का श्रृंगार किया जाता है और पर्व के बाद बैंक लाकर में रख दिया जाता है। आजादी के बाद यह भारत सरकार को सौंप दिए गए। बाद में ये गहने नगर निगम को दे दिए गए। इस बार इस बार महापौर मूर्तियों को गहने पहनाएंगी।

... तो इसलिए ये जेवरात हैं खास

जानकारी के अनुसार भगवान को पहनाने वाले सोने के तोड़े तथा सोने का मुकुट श्री कृष्ण पहनेंगे, जिनकी कीमत भी लगभग 60 लाख रुपये है। गोपाल मंदिर की राधाजी का विशेष मुकुट, जिसमें पुखराज और माणिक जड़ित पंख हैं तथा बीच में पन्ना लगा है। तीन किलो वजन के इस मुकुट की कीमत लगभग तीन करोड़ आंकी गई है। इसमे लगे 16 ग्राम पन्ने की कीमत लगभग 18 लाख आंकी गई हैं। इसके अलावा जेवरातों में सफेद मोती वाला पंचगढ़ी हार लगभग आठ लाख कीमत का, सात लढ़ी हार जिसमें 62 असली मोती और 55 पन्ने हैं। 2007 में इनकी अनुमानित कीमत लगभग 12 से 14 लाख रुपये आंकी गई थी।

मालूम हो कि जियेंद्रगंज स्थित सेंट्रल बैंक आफ इंडिया में कड़ी सुरक्षा के बीच इन गहनों को लाकर में रखा जाता है। तीन साल से नगर निगम के अफसर ये काम कर रहे थे। इस वर्ष के तय कार्यक्रम के मुताबिक आभूषणों को सुबह नौ बजे महापौर शोभा सिकरवार, सभापति मनोज तोमर, नेता प्रतिपक्ष हरिपाल, नगर निगम आयुक्त किशोर कान्याल, अपर आयुक्त अतेंद्र सिंह गुर्जर व रजनी शुक्ला सहित कर्मचारियों और पुलिस सुरक्षा के बीच निकाला जाएगा। रात 12 बजे मुख्य आरती के बाद इन गहनों को रात में लगभग एक बजे दोबारा कड़ी सुरक्षा के बीच बैंक लाकर में रख दिया जाएगा। 

Edited By: Priti Jha