बिना जांच जहरीली शराब बताकर ‘सागर गोल्ड’ पर लगाया बैन, जबलपुर के सहायक आबकारी आयुक्त को नोटिस
जबलपुर के सहायक आबकारी आयुक्त को बिना जांच 'सागर गोल्ड' शराब पर प्रतिबंध लगाने के लिए नोटिस मिला। विभाग ने ...और पढ़ें

HighLights
जबलपुर आबकारी आयुक्त ने 'सागर गोल्ड' शराब पर प्रतिबंध लगाया।
बिना जांच प्रतिबंध लगाने पर विभाग ने नोटिस जारी किया।
अधिकारी ने आदेश बदला; अवैध शराब के खिलाफ अभियान जारी।
राज्य ब्यूरो, भोपाल। सागर जिले के बंडा में जहरीली शराब से हुई मौतों के बीच जबलपुर में सागर गोल्ड शराब की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश जारी करना सहायक आबकारी आयुक्त संजीव दुबे को भारी पड़ गया है। विभाग ने उनके आदेश को सिविल सेवा आचरण नियमों के विपरीत मानते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सहायक आयुक्त ने नोटिस मिलने के बाद अपना आदेश बदल दिया।
दरअसल, सहायक आबकारी आयुक्त ने छह सितंबर को जबलपुर जिले में सागर गोल्ड ब्रांड की शराब की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया था। आदेश में बंडा में इसी ब्रांड की शराब के सेवन से लोगों की मौत का उल्लेख करते हुए इसे जहरीली शराब बताया गया था।
वाणिज्यिक कर विभाग ने इस कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए कहा कि शराब को जहरीला घोषित करने से पहले कोई रासायनिक परीक्षण नहीं कराया गया था और न ही किसी प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट उपलब्ध थी। इसके अलावा बिक्री पर रोक लगाने से पहले किसी सक्षम प्राधिकारी से अनुमति या निर्देश भी नहीं लिए गए।
विभाग ने इसे गंभीर मामला मानते हुए मध्य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के प्रावधानों के तहत संजीव दुबे को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उनसे 15 दिन के भीतर लिखित जवाब मांगा गया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित अवधि में जवाब नहीं मिलने पर मामले में एकपक्षीय निर्णय लिया जा सकता है।
नोटिस के बाद बदला बिक्री रोकने का आदेश
कारण बताओ नोटिस मिलने के बाद सहायक आबकारी आयुक्त ने सागर गोल्ड की बिक्री पर रोक संबंधी अपने पूर्व आदेश में बदलाव कर दिया। अब विभागीय स्तर पर यह मामला जांच और जवाब के आधार पर आगे बढ़ेगा।
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दो दिन में 7,825 लीटर शराब जब्त
इधर, प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग का अभियान भी जारी है। विभाग ने दो दिनों में कार्रवाई करते हुए 7,825 लीटर शराब जब्त की है। इसमें अवैध तरीके से शराब बनाने, परिवहन और बिक्री के साथ-साथ मानवीय उपयोग के लिए अनुपयुक्त शराब तथा विकृत स्पिरिटयुक्त निर्मित को परिवर्तित करने से जुड़े मामलों में कार्रवाई शामिल है।
अभियान के दौरान अवैध गतिविधियों में संलिप्त 636 लोगों को आरोपित बनाया गया है। विभाग के अनुसार अवैध शराब के निर्माण और कारोबार के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
