गुना: नवरात्र का हवाला देकर मकान मालिक ने शव घर लाने से रोका, अस्पताल के बाहर हुआ कैंसर पीड़ित मरीज का अंतिम संस्कार
गुना में मकान मालिक द्वारा नवरात्र का हवाला देकर शव घर लाने से मना करने पर एक कैंसर पीड़ित महिला ...और पढ़ें

मकान मालिक ने नवरात्र का बहाना कर शव घर लाने से रोका। (फोटो-AI जेनरेटेड)
HighLights
कैंसर पीड़ित महिला पूजा रजक का गुना में निधन।
मकान मालिक ने नवरात्र का बहाना कर शव रोका।
अस्पताल की मोर्चरी के बाहर हुए अंतिम संस्कार के रीति-रिवाज।
डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्यप्रदेश के गुना में शनिवार को एक 31 साल की महिला के परिवार को उसका अंतिम संस्कार और उससे जुड़े रीति-रिवाज जिला अस्पताल की मोर्चरी के बाहर खुले में करने पड़े।
नवरात्र का हवाला देकर शव लाने से किया मना
शिवपुरी जिले की रहने वाली पूजा रजक लंबे समय से कैंसर से जूझ रही थीं। गुना जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी हालत बिगड़ गई और उनका निधन हो गया।
निधन के बाद जब पूजा के पिता पहलवान रजक उनके शव को अपने किराए के मकान में ले जाने लगे तो मकान मालिक ने नवरात्र का हवाला देकर शव को घर में लाने से मना कर दिया जिसके बाद पूजा के परिवार ने उसका अंतिम संस्कार अस्पताल के आंगन में किया।
पति से अलग रह रही थी पूजा
पूजा के पिता ने बताया कि पूजा स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद घरेलू विवाद के चलते अपने पति राकेश लश्करी से अलग हो गई थी। वह अपना ससुराल छोड़कर पिछले कुछ सालों से गुना में अपने माता-पिता के साथ रह रहीं थीं। पूजा के पिता आर्थिक तंगी के कारण अपना घर नहीं बनवा पाए थे और वे घोसीपुरा इलाके में किराए के मकान पर रहते थे।
समाज सेवियों ने बढ़ाया मदद का हाथ
जब पूजा का परिवार अंतिम संस्कार की व्यवस्था करने में संघर्ष कर रहा था, तब समाज सेवी प्रमोद भार्गव और गौ संरक्षण स्वयंसेवक राम सिंह रजक ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया।
उनकी मदद से परिवार ने अस्पताल की मोर्चरी के पास खुले आंगन में एक विवाहिता महिला से जुड़े पारंपरिक रीति-रिवाज पूरे किए और शव को श्मशान घाट ले गए। पूजा के निधन की खबर के बाद उनके पति लश्करी अपनी दूसरी पत्नी के साथ इंदौर से गुना पहुंचे और अस्पताल के आंगन में हुए अंतिम संस्कार के रीति-रिवाजों में शामिल हुए।
