उज्जैन, जेएनएन। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर आने की सोच रहे हैं तो 6 दिसंबर के बाद प्रोग्राम बनाएं। राहत की खबर यह है कि 6 दिसंबर से भक्‍तों को महाकाल मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश दिया जाएगा। यह फैसला आज कलेक्टर आशीष सिंह की अध्यक्षता में हुई प्रबंध समिति की बैठक में लिया गया है। समिति ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि कोरोना काल से पहले गर्भगृह में प्रवेश की जो व्यवस्था लागू थी, 6 दिसंबर से उसी व्यस्था के अनुसार भक्तों को प्रवेश दिया जाएगा। समिति के इस निर्णय से आम भक्तों को भी गर्भगृह से भगवान महाकाल के दर्शन का असवर प्राप्त होगा।

कोरोना काल से पहले महाकाल मंदिर के गर्भगृह में भीड़ कम होने की स्थिति में आम दर्शनार्थियों को प्रवेश दिया जाता था। शनिवार, रविवार, सोमवार और पर्व विशेष के दिन ऐसी स्थिति बनती थी। भीड़ बढ़ने पर समिति 1500 रुपये के लघु रूद्र की रसीद पर दो लोगों को प्रवेश की अनुमति देती थी। गुरुवार को हुई प्रबंध समिति की बैठक में पूर्वानुसार व्यवस्था रखने के निर्णय से सामान्य और वीआइपी दोनों श्रेणी के भक्तों को गर्भगृह से दर्शन की सुविधा मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

बैठक में श्री महाकाल महाराज विस्तार योजना अंतर्गत भूमि अधिग्रहण के लिए राज्य शासन से 150.92 कारोड़ रुपये की राशि आवंटित कराने के लिए पत्र लिखने का निर्णय भी लिया गया। कर्मचारियों की वेतनवृद्धि करने, मंदिर विस्तारीकरण के बाद परिक्षेत्र में ई रिक्क्षा चलाने तथा उज्जैन दर्शन बस सेव पुन: शुरु करने आदि पर भी निर्णय लिया गया। एसपी सत्येंद्रकुमार शुक्ल,नगर निगम आयुक्त,अंशुल गुप्ता,एडीएम संतोष टैगोर,प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ आदि मौजूद थे।

Edited By: Vijay Kumar