भोपाल, जेएनएन। मध्य प्रदेश में खरगोन दंगा प्रभावित परिवार की लक्ष्मी मुछाल के विवाह समारोह में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पत्नी साधना सिंह चौहान के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल होकर शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर शिवराज ने कहा कि 'मामा की दुआएं लेती जा, जा तुझको सुखी संसार मिले।' मुख्यमंत्री ने गुजरात से आए बरातियों का स्वागत भी किया। उन्होंने कहा कि दंगा प्रभावित परिवारों को पूरी सहायता सरकार ने की है। वाहन और सामान की क्षति पर सरकार प्रभावितों को अतिरिक्त राशि देगी। उधर, खरगोन में शादी के मौके पर प्रभारी मंत्री कमल पटेल व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी विवाह समारोह में शामिल हुए।

जानें, क्या है मामला

गौरतलब है कि रामनवमी (10 अप्रैल) पर खरगोन में हुए उपद्रव के दौरान दंगाइयों ने संजय नगर स्थित मुछाल परिवार की बिटिया लक्ष्मी के विवाह का सारा सामान लूट लिया था। 11 अप्रैल को लक्ष्मी को हल्दी लगने वाली थी और 14 अप्रैल को गुजरात के अहमदाबाद से दीपक संघवी बरात लेकर खरगोन आने वाले थे। दंगे में सबकुछ लुट जाने के बाद शादी टल गई। बाद में निरीक्षण करने पहुंचे जिले के प्रभारी मंत्री पटेल को जानकारी मिली तो उन्होंने लक्ष्मी को बहन मानकर शादी का पूरा खर्च शासन की ओर से वहन करने का आश्वासन दिया।

मंगल गीत गूंजे

उपद्रव के बाद जिस घर में मातम और दुख था, वहां वीरवार को मंगल गीत गूंज रहे हैं, पकवान बन रहे हैं और नाच-गाना हो रहा है। यह खुशी दंगाइयों के मुंह पर तमाचा है। जिले के प्रभारी मंत्री कमल पटेल और मुख्यमंत्री चौहान ने लक्ष्मी की शादी धूमधाम से करने का वादा किया था। 

तब दुख में रोई थी, अब खुशी से झूमी

वीरवार सुबह लक्ष्मी के विवाह की मंगल रस्मों में शीतला माता पूजन और शाम को गणेश पूजन हुआ। इस दौरान ढोल-ताशे बजने पर लक्ष्मी खुद को झूमने से रोक नहीं सकी और खुशी में डूबकर खूब नृृत्य किया। वह इतना खुश हुई कि उसकी वे आंखें खुशी के मारे छलछला उठीं, जो दंगे के बाद दुख के मारे रोई थीं।

हल्दी लगने के एक दिन पहले हो गया था दंगा

11 अप्रैल को लक्ष्मी को हल्दी लगने वाली थी और 14 अप्रैल को गुजरात के अहमदाबाद से दीपक संघवी बरात लेकर खरगोन आने वाले थे। एक दिन पहले 10 अप्रैल को दंगा हो गया और शादी टल गई। दंगाइयों ने तब लक्ष्मी के घर में घुसकर दहेज का सामान, खाने-पीने की चीजें सहित अन्य सामान लूट लिया था।

नईदुनिया बना सुख-दुख का साथी

दंगे के बाद विवाह टलने से मुछाल परिवार स्तब्ध और दुखी था। लक्ष्मी के माता-पिता का पूर्व में निधन हो जाने के कारण बड़े भाई सतीश ने पाला-पोसा है। सतीश वाहन चलाकर घर का खर्च उठाते हैं। करीब सवा लाख रुपये का सामान दंगाइयों द्वारा लूट लेने के बाद फिर से सामान खरीदना सतीश के लिए मुश्किल था। दैनिक जागरण के सहयोगी प्रकाशन नईदुनिया ने इस परिवार के दुख को समझा और बात प्रशासन व सरकार तक पहुंचाई।

Edited By: Sachin Kumar Mishra