उज्जैन, जेएनएन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में शनिवार को दोपहिया वाहन से जा रही एक छात्रा के गले में चाइनीज मांझा फंस गया, जिससे उसका गला बुरी तरह कट गया। राहगीर उसे समीप स्थित निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। खून अधिक बहने से छात्रा की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि 18 वर्षीय नेहा पुत्री अंतर सिंह आंजना निवासी ग्राम कोकलखेड़ी नारायणा (उज्जैन) में अपने फूफा सज्जन सिंह के यहां रहकर पढ़ाई कर रही थी। नेहा ज्ञानसागर स्कूल में 11वीं कक्षा की छात्रा थी। अपनी बुआ की लड़की निकिता के साथ दोपहिया वाहन से फ्रीगंज स्थित डाक्टर के यहां दिखाने के लिए जा रही थी। वाहन नेहा ही चला रही थी। जीरो पाइंट ब्रिज पर नेहा के गले में चाइनीज मांझा फंस गई। डोर के कारण उसका गला बुरी तरह कट गया, जिसके कारण खून अधिक बहने लगा। राहगीर उसे उठाकर ब्रिज के समीप स्थित निज अस्पताल ले गए थे, जहां उसने दम तोड़ दिया। एएसपी रवींद्र वर्मा, माधवनगर टीआइ महेंद्र मकाश्रे व पुलिस बल मौके पर पहुंचा। घटनास्थल देवासगेट थाना क्षेत्र का होने के कारण देवासगेट पुलिस ने मामला दर्ज किया है। शव का पोस्टमार्टम करवाकर स्वजन को सौंप दिया।

नायलान से बनता है चाइनीज मांझा

जानकारों का कहना है कि चाइनीज मांझा का निर्माण धागे से नहीं नायलान से किया जाता है। यही कारण है कि यह काफी मजबूत होती है। जैसे ही चाइनीज मांझा किसी के गले, हाथ या अन्य अंगों में फंसती है तो वह उसे काट देती है। सामान्य डोर धागे की बनी होती है। वह आसानी से टूट जाती है।

मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश

उज्जैन में हुई इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट किया है कि युवती के निधन का समाचार अत्यंत व्यथित करने वाला है। मैं प्रदेश के समस्त जिला प्रशासन को कड़े निर्देश दे रहा हूं कि इस तरह के जो खतरनाक मांझे बाजार में बिक रहे हैं, उनकी जांच कराएं और कड़ी कार्रवाई करें।

अब तक छह पर कार्रवाई

उज्जैन के एसपी सत्येंद्र कुमार शुक्ला के मुताबिक, पुलिस शुरुआत से ही इस डोर को बेचने वालों पर कार्रवाई कर रही है। अब तक छह कार्रवाई की जा चुकी है। पता लगाया जा रहा है कि डोर कहां से आई थी। इसके अलावा डोर बेचने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। हमने नगर निगम के सहयोग से हरिफाटक ब्रिज पर भी वायर लगवाए थे, जिससे की हादसा ना हो, लेकिन जीरो पाइंट ब्रिज पर हादसा हो गया है। यह काफी दुखद है। इस तरह का कोई हादसा ना हो इसके लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

गुजरात में पतंगबाजी के दौरान मांझे से 60 से ज्यादा घायल

गुजरात में मकर संक्रांति के अवसर पर शुक्रवार को पतंग उड़ाने से संबंधित घटनाओं में 60 से ज्यादा लोग घायल हो गए। एक अधिकारी ने बताया कि दोपहर 12 बजे तक 108 आपात एंबुलेंस सेवा ने 63 लोगों को अस्पतालों तक पहुंचाया। इनमें से ज्यादातर सड़क पर आने-जाने वाले लोग थे। सार्वजनिक स्थलों में खतरनाक ढंग से लटक रहे पतंग के मांझे से उनके गले और चेहरे पर घाव लग गए। अधिकारी ने कहा कि अभी तक किसी की मौत की जानकारी नहीं मिली है। एंबुलेंस सेवा द्वारा जारी बयान के अनुसार, पतंग के मांझे (धागे) से घायल हुए 63 लोगों में से 21 मामले अकेले अहमदाबाद के हैं। इसके बाद वडोदरा और राजकोट जिले से सात-सात मामले सामने आए हैं। दोपहर तक 108 एंबुलेंस सेवा को कुल 1,203 आपात काल आईं जबकि पिछले वर्ष इस तरह की 1,043 काल दर्ज की गई थीं। एंबुलेंस सेवा ने कहा है कि पतंग के धागे से घायल होने के अलावा पूरे राज्य में 69 लोग अपनी छत से या ऊंचाई से गिर गए। यह घटनाएं पतंग उड़ाने या पकड़ने के दौरान हुई। 

Edited By: Sachin Kumar Mishra