इंदौर, जेएनएन। इंदौर के विजय नगर इलाके में स्थित मेदांता अस्पताल के चौथी मंजिल पर बने मेडिकल आईसीयू में रविवार शाम आग लग गई। जिस समय हादसा हुआ वहां एक दर्जन से ज्यादा मरीज भर्ती थे। इनमें से चार-पांच मरीज वेंटिलेटर पर थे। आग लगते ही आईसीयू में धुआं उठने लगा और कोहराम मच गया। धुएं के कारण मरीजों को घबराहट होने लगी लगे और उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी। मरीजों के परिजनों ने तत्काल मौके पर मौजूद स्टाफ को आग लगने की सूचना दी, जिसके बाद आग बुझाने की कवायद शुरू हो गई।

आग की जानकारी मिलते ही आईसीयू में भर्ती मरीजों को एक-एक करके तीसरी मंजिल पर स्‍थांनातरति किया गया। वेंटिलेटर पर रखे गए मरीजों को आखिरी में शिफ्ट किया गया। इस हादसे ने अस्पताल की अग्नि सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीजों के परिजनों का कहना है कि उन्होंने खुद अस्पताल स्टाफ को आग लगने की सूचना दी थी।

अलार्म नहीं बजाया गया जबकि प्रबंधन का दावा है कि भूतल पर नियंत्रण कक्ष में अग्नि सुरक्षा अलार्म बजाया गया था। कलेक्टर ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जांच दल में एडीएम पवन जैन, सीएमएचओ डॉ. बीएस सत्या, अग्नि सुरक्षा अधिकारी व बिजली कंपनी के अधिकारी शामिल हैं। जांच टीम जांच के बाद कलेक्टर को अपनी रिपोर्ट देगी। आग रविवार शाम करीब छह बजे लगी। अस्पताल की चौथी मंजिल पर आईसीयू में भर्ती मरीजों के परिजनों के मुताबिक वे अस्पताल के तीसरे, चौथे और पांचवें स्थान पर थे। अचानक उन्होंने देखा कि मेडिकल आईसीयू से धुआं उठने लगा है। यह देख वह घबरा गये और तुरंत आईसीयू के अंदर भागे।

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Edited By: Babita Kashyap