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MP के मंत्रालय में 'फर्जी IAS' की एंट्री, खुद को 2019 बैच का अफसर बताया, पूछताछ में खुली पोल

Published: Fri, 13 Feb 2026 07:19 PM (IST)

भोपाल मंत्रालय में एक व्यक्ति ने खुद को 2019 बैच का फर्जी आईएएस अधिकारी बताया। इंदौर निवासी योगेंद्र सिंह चौहान ...और पढ़ें

सचिवालय (प्रतीकात्मक चित्र)

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संक्षेप में पढ़ें

राज्य ब्यूरो, भोपाल। मंत्रालय में शुक्रवार को एक फर्जी आईएएस अधिकारी पहुंच गया। खुद को 2019 बैच का अधिकारी बताने वाला योगेंद्र सिंह चौहान मूल रूप से इंदौर का रहने वाला है और स्वयं को अपर कलेक्टर बताकर कर सामान्य प्रशासन विभाग के उपसचिव अजय कटेसरिया के पास पहुंचा था। बातचीत में संदेह हुआ तो उन्होंने सुरक्षाकर्मी बुला लिए। पूछताछ में यह बात सामने आई कि वह कोई आईएएस अधिकारी नहीं है। हालांकि, युवक की मानसिक स्थिति को देखते हुए उसके विरुद्ध कोई कानूनी कार्रवाई न करते हुए उसे स्वजन को सौंप दिया।

तबादले का छेड़ा जिक्र

योगेंद्र सिंह चौहान स्वयं को आइएएस अधिकारी बताकर सामान्य प्रशासन विभाग के उप सचिव के पास पहुंचा था। वह अपना तबादला करने की बात कर रहा था। इससे अजय कटेसरिया को संदेह हुआ उन्होंने सिलेक्शन बैच पूछा तो वह 2019 बताने लगा। सिलेक्शन बैच वह होता है जिसमें व्यक्ति परीक्षा देता है। संवर्ग का बैच उसके एक साल बाद का होता है। उसे जब और पूछा गया तो बताया कि इंदौर में अपर कलेक्टर पदस्थ हूं, लेकिन सामान्य प्रशासन विभाग मुझे भूल गया है।

जब पूछा कि आपका सुरक्षा कर्मी कहां है, तो कहने लगा कि कलेक्टर ने ले लिया है। इस पर संदेह पुख्ता हो गया और फिर उन्होंने मंत्रालय के सुरक्षाकर्मी बुलाकर उन्हें सौंप दिया। मंत्रालय के सुरक्षा अधिकारी अविनाश शर्मा ने पूछताछ की। उसे 2019 बैच की सूची दिखाई, जिसमें उसका नाम नहीं था।

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दिमागी हालत अस्थिर

शर्मा का कहना है कि पूछताछ में ही यह लगा कि वह मानसिक तौर पर अस्थिर है। एकटक सुरक्षाकर्मियों को देखता रहा। चेहरे पर कोई चिंता नहीं। उसके पास फर्जी आइडी या अन्य कोई चीज नहीं मिली। स्वजन का नंबर लिया और फिर उन्हें मंत्रालय बुलाया। उन्होंने बताया कि इसका उपचार चल रहा है, जिसके बाद बिना कोई कार्रवाई किए स्वजन के हवाले इस हिदायत के साथ कर दिया कि जब तक उपचार चल रहा है, तब तक ऐसे कहीं जाने न दें।