इंदौर, जागरण आनलाइन डेस्‍क। इंदौर के जिंसी इलाके में शुक्रवार शाम नगर निगम के टैंकर ने आठ साल के मोहम्मद फराज की जान ले ली। ये टैंकर सुभाष मार्ग की ओर से आ रहा था चालक इतना लापरवाही से उसे चला रहा था कि वह लोगों के चिल्लाने पर भी नहीं रुका, बल्कि टैंकर लेकर थाने की ओर भागा और पुलिसकर्मियों के वाहनों को टक्कर मार दी जिसमें दो पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए।

अपर डीसीपी जोन-1 जयवीर सिंह भदौरिया ने बताया कि घटना शाम करीब 6 बजकर 45 मिनट पर हुई। बाथरूम की सफाई के लिए नगर निगम का टैंकर रोजाना पानी लाता है। जिंसी हाट मैदान में रखे ताजिए के कारण सामान्य दिनों से अधिक चहल-पहल दिख रही थी ।

काली टंकी के सामने हुआ हादसा

जिंसी निवासी मोहम्मद अराफात उर्फ गुल्ली पहलवान का पुत्र मोहम्मद फराज मोहल्ले के बच्चों के साथ खेलने गया था। शाम के समय वह कुरकुरे खाते हुए घर की ओर लौट रहा था के तभी काली टंकी के सामने हादसे का शिकार हो गया। चालक ने टैंकर को तेज गति से घुमाया और पिछला पहिया मोहम्मद फराज पर चढ़ा दिया।

ताजिये देखने गए युवकों ने शोर मचाया और चालक को टैंकर रोकने का इशारा किया लेकिन चालक ने एक न सुनी और वह तेज गति से गाड़ी चलाने लगा। लोग इधर-उधर भागे और थाने की ओर दौड़ पड़े। इस दौरान दो वाहन भी आपस में टकरा गए।

दहशत में उसने टैंकर को नाले में फेंक दिया और पिटाई के डर से थाने में घुस गया। टक्कर से मल्हारगंज थाने की नेपाल सिंह और महिला पुलिसकर्मी प्रीति बाल-बाल बच गई। हालांकि, टैंकर के नीचे आने के बाद उनकी दोनों गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं।

बच्‍चे को 15 फीट दूर घसीट कर ले गया टैंकर

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मासूम फराज को रौंदने के बाद भी टैंकर चालक नहीं रुका। इसलिए फराज को करीब 15 फीट दूर घसीटते हुए ले गया। शरीर के टुकड़े सड़क पर फैल गए। भीड़ को पता चला कि टैंकर ने बच्चे की हत्या की है, लेकिन यह पता नहीं चल सका कि बच्चा कौन है।

घटना के आधे घंटे बाद जब बच्चे के दादा भी उसे देखने आए और उसकी चप्पल और शर्ट देखकर पहचान लिया। लोगों ने घटना पर रोष जताया और कहा कि पुलिसकर्मियों ने उनके पहुंचने में देरी की। 20 मिनट की सूचना के बाद दो पुलिसकर्मी ही आए।

स्थिति को संभालने के लिए डीसीपी जोन-1 अमित तोलानी, एडीसीपी-जयवीर सिंह भदौरिया, एसीपी राजीव सिंह भदौरिया समेत चार थानों की फोर्स को आना पड़ा। सैकड़ों लोग जमा हो गए और दुकानें बंद कर दी गईं। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद भीड़ को हटाया गया। टीआई राहुल शर्मा के मुताबिक, ड्राइवर का नाम इंद्रराज (विदिशा) है।

Edited By: Babita Kashyap