भोपाल, जेएनएन। बंगाल की खाड़ी से एक और तूफान उठ रहा है। यह तूफान उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। फिलहाल यह डिप्रेशन के रूप में है और जल्द इसके चक्रवात का रूप ले लेने का अनुमान है। तूफान का नाम गुल-आब है, जिसके आंध्र प्रदेश और ओड़िशा के तटीय इलाकों से आकर टकराने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक इसका सबसे अधिक प्रभाव ओड़िशा के गोपालपुर से आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम के बीच रहेगा चक्रवात का लैंडफाल आंध्र प्रदेश के कलिंगपटनम में हो सकता है।

इसके अतिरिक्त सौराष्ट्र पर हवा के ऊपरी भाग में बना चक्रवात अरब सागर में जाकर कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित हो गया है। इन दोनों सिस्टम से होकर मानसून ट्रफ बना हुआ है, जो इंदौर से होकर गुजर रहा है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इसके प्रभाव से मध्यप्रदेश में पांच दिनों तक रूक-रूक कर बारिश होने की संभावना है। विशेषकर भोपाल, इंदौर, जबलपुर, होशंगाबाद, सागर, ग्वालियर संभागों के जिलों में अच्छी वर्षा होने के आसार हैं। रीवा, शहडोल संभागों के जिलों में कहीं-कहीं बौछारें पड़ेंगी।

मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी पीके साहा ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक सतना में 47.4, पचमढ़ी में 43, मलाजखंड में 25, धार में 19.9, बैतूल में 18, ग्वालियर में 17.8, दमोह में 17, नरसिंहपुर में 16, रीवा में 10.6, भाेपाल में 9.8, खंडवा में नौ, इंदौर में 8.4, दतिया में 8.4, रतलाम में छह, छिंदवाड़ा में 1.8, सागर में 1.8, सीधी में 1.2, मंडला में 0.2 मिलीमीटर बारिश हुई।

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान उठा है। पाकिस्तान में इस तूफान का नामकरण गुल-आब के नाम से किया है। अरब सागर में पाकिस्तान के पास एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है।

Edited By: Vijay Kumar