भोपाल, जेएनएन। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का कहना है कि मैंने कभी हिंदू या भगवा आतंकवाद शब्दों का प्रयोग नहीं किया। मैंने संघ प्रायोजित आतंकवाद कहा है। मैं न तो कभी हिंदू विरोधी था और न ही कभी हिंदू विरोधी रहूंगा। हमारे यहां हिन्दू और मुसलमान दोनों ने एक दूसरे के धार्मिक स्थलों को तोड़ा है। हिंदुत्व शब्द किसी भी ग्रंथ में नहीं मिलता है। सावरकर जी ने अपने प्रयोग के लिए हिंदुत्व शब्द गढ़ा है। हिंदुत्व शब्द से हिंदुओं का कोई लेना-देना नहीं है। हम इसके खिलाफ हैं कि धर्म का इस्तेमाल राजनीति के लिए किया जाना चाहिए। सत्य ही ईश्वर है, हम उस पर विश्वास करते हैं। मैं धार्मिक सोच वाले परिवार से आता हूं। पिता महात्मा गांधी से प्रभावित थे। मेरी मां स्वभाव से धार्मिक थीं। राजमाता ने मुझे जनसंघ में शामिल होने के लिए कहा।

दिग्विजय सिंह ने संघ की तुलना दीमक से की थी

दिग्विजय सिंह लगातार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधते आ रहे हैं। अभी कुछ दिन पहले ही इंदौर में युवा कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर कार्यक्रम में उन्होंने संघ की तुलना दीमक से की उन्होंने यह भी कहा था कि संघ एक पंजीकृत संस्था नहीं है और न ही सदस्य बनाती है। दिग्विजय सिंह ने खुद स्वीकार किया था कि नाथूराम गोडसे और गोपाल गोडसे संघ के लिए काम करते थे। दिग्विजय सिंह के इस बयान पर बीजेपी नेताओं ने भी पलटवार किया और उन्हें कांग्रेस पार्टी में दीमक बताया।

Edited By: Babita Kashyap