भोपाल, जेएनएन । मुख्यमंत्री के बगल में प्रतिपक्ष नेता कमल नाथ खड़े थे और दिग्विजय अपने समर्थक किसानों के साथ सामने खड़े थे। शिवराज और कमल बाथ की दोस्ती किसी से छिपी नहीं है। कुछ दिन पहले ही दोनों नेता हाथ में हाथ डालकर स्टेट हैंगर में मिले थे, तब उनका यह फोटो काफी चर्चित हुआ था। टेम और सुठालिया बांध के डूब क्षेत्र में आ रहे किसानों को भूमि का अधिक मुआवजा दिलाने और शहर में आवास बनाने के लिए भूखंड देने की मांग को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह रविवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिले। पर उनकी यह मुलाकात भी बड़ी दिलचस्प रही।

भाजपा नेता हितेश वाजपेयी ने इसे लेकर एक व्यंग्यात्मक ट्वीट भी किया और कहा कि क्या कमल नाथ ने स्टेट हैंगर पर शिवराज सिंह चौहान को कह दिया था कि जब तक दिग्विजय मेरे साथ ना आए तब तक मत मिलना। दिग्विजय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से प्रभावित किसानों के प्रतिनिधिमंडल को मिलवाने के लिए कई दिनों से समय मांग रहे थे। पहले मुख्यमंत्री ने समय भी दे दिया था लेकिन व्यस्तता का हवाला देते निरस्त कर दिया।

पुलिस अधिकारियों ने दिग्विजय सिंह को बताया कि मुख्यमंत्री ने आपको 23 जनवरी को पौने बारह बजे मुलाकात का समय दिया है। अब आप धरना समाप्त कर दें पर सिंह ने कहा कि लिखित में दिलवा दें या संबंधित अधिकारी से बात करें। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह हमारा काम नहीं है तो दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी को फोन लगाया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए आपका समय आरक्षित कर दिया गया है। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हम धरना समाप्त कर रहे हैं लेकिन आगे कोई गड़बड़ी हुई तो भोपाल को चारों ओर से बंद कर देंगे।

इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह घोषणा अनुसार मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा पूर्व में तय समय पर मुलाकात करने के लिए किसानों के साथ मुख्यमंत्री आवास के लिए निकले थे। वे दूरदर्शन केंद्र से आगे न जा पाएं, पुलिस ने इसके पुख्ता इंतजाम किए थे। बैरिकेड लगाकर रास्ता बंद कर दिया था। सिंह दूरदर्शन केंद्र तक पहुंचे और वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने दावा किया था कि मैं 17 दिसंबर से मुख्यमंत्री से मिलने का समय किसानों की समस्या सुनाने के लिए मांग रहा हूं। पहले 21 जनवरी को सवा 11 बजे का समय दिया और फिर उसे निरस्त कर दिया। जबकि, गुना, राजगढ़, विदिशा और भोपाल के बैरसिया क्षेत्र से किसान आ गए थे।

किसानों की पांच हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि डूब में आ रही है और डेढ़ हजार से ज्यादा परिवार विस्थापित हो रहे हैं। मुआवजा भूमि के बाजार मूल्य की तुलना में बहुत कम दिया जा रहा है। किसान रामलाल अहिरवार, महेंद्र पटेल, सोनेराम ने बताया कि सर्वे तक नहीं हो रहा है। भूमि अधिग्रहण हुआ तो हम बर्बाद हो जाएंगे। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ भी धरने में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। 

Edited By: Priti Jha