स्वदेशी धनुष से दुश्मन का सफाया करेगी सेना, बढ़ाई जा रही फायर क्षमता
भारतीय सेना की धनुष तोप को मेक इन इंडिया के तहत पूरी तरह स्वदेशी बनाया जा रहा है, जिसमें अब कोई विदेशी पार्ट नहीं होगा।

स्वदेशी धनुष से दुश्मन का सफाया करेगी सेना।
HighLights
धनुष तोप अब पूरी तरह स्वदेशी बनेगी, कोई विदेशी पार्ट नहीं।
मारक क्षमता 44 किमी से अधिक, फायर क्षमता भी बढ़ेगी।
जबलपुर की जीसीएफ में अपग्रेडेशन, हर मौसम में सक्षम होगी।
डिजिटल डेस्क, जबलपुर। भारतीय सेना धनुष तोप को मेक इन इंडिया के तहत पूरी तरह से स्वदेशी बनाने जा रही है, यानी अब इसमें कोई भी पार्ट विदेशी नहीं रहेगा। इसके साथ ही इसे उन्नत तकनीकी से युक्त किया जा रहा है। इससे इसकी मारक क्षमता 44 किलोमीटर से भी अधिक हो जाएगी।
पहले यह 36 से 42 किलोमीटर के बीच थी। इसकी फायर क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। अब यह आपातकालीन स्थिति में लगभग 12 राउंड प्रति मिनट और 15 मिनट तक लगातार फायरिंग करने में सक्षम होगी। अपग्रेड होने के बाद यह देश की पहली पूर्ण स्वदेशी तोप होगी।
इस तोप की विशेषता यह है कि वह विशेष उन्नत गोला-बारूद के साथ सटीक वार कर सकती है। धनुष को जबलपुर स्थित गन कैरिज फैक्ट्री (जीसीएफ) में अपग्रेड किया जा रहा है। पहली खेप में 44 धनुष तोपें निर्मित की जा रही हैं।
धनुष को बेहतर संचार प्रणाली, पूरी तरह से स्वचालित गन एलाइनमेंट व पोजिशनिंग सिस्टम से लैस किया जा रहा है। इसमें इनर्शियल नेविगेशन-बेस्ड साइटिंग सिस्टम, आटो-लेइंग फैसिलिटी और ऑन-बोर्ड बैलिस्टिक कंप्यूटेशन शामिल हैं, जो इसे रात और दिन दोनों में सटीक मार करने की क्षमता देते हैं। यह हर मौसम में वार करने में सक्षम होगी।
इसे रेगिस्तान से लेकर कारगिल और सियाचिन जैसे ऊंचाई वाले कठिन इलाकों में आसानी से तैनात किया जा सकेगा। पहले ऐसा नहीं था।
बता दें कि धनुष तोप को बोफोर्स लाने के बाद उसे अपग्रेड करके भारत में निर्मित किया गया था, लेकिन इसमें कई कलपुर्जे विदेशी प्रयोग करने पड़ते थे। चूंकि यह स्वदेशी निर्मित तोप मानी जाती है इसलिए अब इसे पूर्ण स्वदेशी बनाने का निर्णय लिया गया था। इसी कड़ी में इसे अपग्रेड किया जा रहा है।
