भोपाल, जेएनएन। मध्य प्रदेश में डेंगू के कहर जारी है। अक्टूबर में डेंगू के प्रदेश में छह हजार मरीज मिले थे, लेकिन नवंबर में अभी तक 2900 मरीज ही मिले हैं। प्रदेश में इस साल 73 हजार लोगों के सैंपल लेकर जांच कराई गई है। यह अब तक एक साल में लिए गए सबसे ज्यादा सैंपल हैं। अभी तक 14 हजार 266 मरीज मिल चुके हैं। नवंबर में सबसे ज्यादा 787 मरीज ग्वालियर में मिले हैं।

मालूम हो कि ग्वालियर शहर में भी डेंगू का प्रकोप जारी है। [कल] बुधवार को आई जांच रिपोर्ट में डेंगू के 36 मरीज मिले। इनमें ग्वालियर के 33 मरीजों में 25 बच्चे हैं। ग्वालियर में अब तक 2443 लोग डेंगू की चपेट में आ चुके हैं। वहीं चिकनगुनिया आठ मरीज मिल चुके हैं। जेएएच के मेडिसिन विभाग का कहना है कि डेंगू के केस पहले से कम हुए हैं, लेकिन लार्वा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। डेंगू मरीजों में बुखार के अलावा कई तरह के लक्षण आ रहे हैं।

मालूम हो कि शहर में रात का तापमान घटकर आठ डिग्री सेल्सियस पर जा पहुंचा है, लेकिन दिन में तेज धूप के कारण डेंगू का लार्वा जमा साफ पानी में पनप रहा है।

ग्वालियर में डेंगू के 33 नए मरीज शहर के विभिन्न क्षेत्रों से मिले हैं। इन क्षेत्रों में गोला का मंदिर, डीडी नगर, प्रीतम विहार कालोनी, घासमंडी, प्रसाद नगर, नारायण विहार कालोनी, चंबल कालोनी, बंशी पुरा, घोसीपुरा, शिव कालोनी, पुरुषोत्तम विहार, इंद्रा नगर, श्रीकृष्णा कालोनी, आर्दश नगर, वैष्णोपुरम, चार शहर का नाका, सिकंदर कंपू, नई सड़क, बहोड़ापुर आदि क्षेत्र शामिल हैं।

डेंगू का आंकड़ा

वर्ष डेंगू

2015 466

2016 707

2017 465

2018 1202

2019 370

2020 16

2021 2443

मालूम हो कि इन शहरों में गोला का मंदिर, डीडी नगर, हजीरा, बहोड़ापुर व सिकंदर कंपू क्षेत्र डेंगू के हॉटस्पॉट बने हुए हैं। इसके बावजूद यहीं लार्वा सर्वे और फॉगिंग का काम नियमित नहीं हो रहा। यहां मलेरिया विभाग की टीम न तो ठीक से सर्वे कर रही है, न दवा का छिड़काव हो रहा है। वहीं नगर निगम भी फॉगिंग नहीं कर रहा।

Edited By: Priti Jha