जांजगीर, जेएनएन। Crime News: देश के तमाम हिस्सों में इंटरनेट मीडिया का इस्तेमाल जहां एक ओर धोखाधड़ी करने के लिए किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर कुछ राज्यों में इस पर लोग अश्लील वीडियो आदि भी अपलोड कर रहे हैं। कुछ दिन पहले गृहमंत्रालय को ऐसी ही एक सूचना मिली थी जिस पर कार्रवाई करते हुए इस मामले में 21 लोगों के साथ-साथ दो नाबालिगों को भी गिरफ्तार किया गया।

जांजगीर-चांपा पुलिस को अगस्त माह में केंद्रीय गृह मंत्रालय से एक सूचना मिली। इसमें जिले के अलग-अलग जगहों से इंटरनेट मीडिया में अश्लील वीडियो अपलोड करने की सूचना थी। साथ ही अश्लील वीडियो अपलोड करने वालों के मोबाइल नंबर भी मिले।

सूचना के आधार पर जिले के अलग-अलग थानों में 25 मामले दर्ज किए गए। इसके बाद अभियान चलाकर 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें दो नाबालिग भी शामिल है। पुलिस ने आरोपित को न्यायालय में पेश किया है।

गौरतलब है कि एनसीआरबी (नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो) की ओर से इंटरनेट मीडिया में बच्चों से संबंधित अश्लील वीडियो और फोटो की निगरानी की जाती है। बच्चों से संबंधित अश्लील वीडियो और आपत्तिजनक सामग्री अपलोड होते ही एनसीआरबी की टीम इसे इंटरनेट से हटाने का काम करती है। साथ ही इसे अपलोड करने वालों की जानकारी संबंधित राज्य को भेज दी जाती है।

राज्य इकाई की ओर से संबंधित जिलों में इसकी सूचना भेजकर कार्रवाई के निर्देश दिए जाते हैं। अगस्त 2022 में जांजगीर-चांपा जिला पुलिस को इस तरह 25 मामलों की जानकारी मिली। इस पर थाना डभरा में पांच, थाना जांजगीर में पांच, सक्ती में दो, थाना मुलमुला में दो, थाना चांपा में दो, थाना पामगढ़ में एक, थाना शिवरीनारायण में एक, थाना हसौद में एक, थाना बाराद्वार में एक, थाना जैजैपुर में एक व थाना बलौदा में एक मामला दर्ज किया गया।

इसके बाद संबंधित मोबाइल नंबरों की जांच 21 आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। इसमें दो नाबालिग भी शामिल है। आरोपित के खिलाफ आईटी एक्ट की तहत कार्रवाई की गई है।

जागरूकता के अभाव में फंस रहे नाबालिग

इंटरनेट मीडिया के बढ़ते चलन बीच मोबाइल बच्चों के हाथों तक पहुंच गई है। जागरूकता के अभाव में नाबालिग अलग-अलग साइट्स में जाकर आपत्तिजनक सामग्री डाउनलोड कर लेते हैं। वही इसे इंटरनेट मीडिया के दूसरे प्लेटफार्म पर भी शेयर कर देते हैं। बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री किसी भी प्लेटफार्म पर भेजना अपराध है।

इसकी जानकारी नहीं होने के कारण बच्चे पुलिस गिरफ्त में आ जाते हैं। समय-समय पर पुलिस की ओर से अभियान चलाकर इसकी जानकारी दी जाती है। व्यापक प्रचार-प्रसार नहीं होने के कारण बच्चे अश्लील साइट पर पहुंच जाते हैं।

बच्चों पर रखें नजर

पुलिस की ओर से एक अपील भी जारी की गई है। इसमें बच्चों के मोबाइल पर अश्लील साइट को ब्लॉक करने व मोबाइल चलाते समय बच्चों की निगरानी करने कहा गया है। साथ ही स्कूलों में इस संबंध में जानकारी देकर जागरूक करने अपील की गई है।

Edited By: Vinay Kumar Tiwari

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