भोपाल, जेएनएन। डीसीजीआई (Drugs Controller General of India) ने 2 से 18 साल तक के बच्चों के लिए कोवैक्सीन टीके को सुरक्षित बताया है। एसईसी (Subject Expert Committee) ने डीसीजीआई (की ओर से बच्‍चों के लिए भारत बायोटेक की कोवैक्‍सीन (covaxin) की सिफारिश की है। कोविड से बचाव के लिए अब जल्‍द ही बच्‍चों को भी वैक्‍सीन लगनी शुरू हो जाएगी। स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के अनुसार इंदौर शहर में टीकाकरण के लिए 2 से 18 वर्ष के लगभग 15 लाख बच्‍चों के आंकलन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जनता का सहयोग और टीके की उपलब्‍धता के आधार पर अगले 4 से 5 माह में बच्‍चों का टीकाकरण हो जाएगा।

अभी प्रतिवर्ष 80 हजार बच्चों का होता है सामान्य टीकाकरण

इंदौर के टीकाकरण नोडल अधिकारी डा. तरुण गुप्ता ने बताया कि अभी जिले में लगभग 1800 आंगनवाड़ी केंद्रों व प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सप्‍ताह में दो दिन मंगलवार व शुक्रवार को नवजात बच्‍चों का टीकाकरण होता है। हर साल याह करीब 80 हजार बच्‍चों को वैक्‍सीन लगायी जाती है। अभी तक हमारे पास बच्‍चों को कोविड वैक्‍सीन लगाने का कोई निर्देश नहीं आया है, जैसे ही कोई आदेश मिलेगा कार्य योजना बनाई जाएगी।

इंदौर में आज से लगभग दो साल पहले 11 लाख से अधिक बच्चों को स्कूल में मीजल्स रुबैला कैम्पेन के अंतर्गत वैक्‍सीन लगायी गई थी। जल्‍द ही इस पर विचार किया जाएगा कि बच्‍चों को कोविड से बचाव के लिए टीके स्कूलों, अस्पतालों में निर्धारित टीकाकरण केंद्रों पर लगाए जाए। शहर में अब तक 15500 गर्भवती महिलाओं को कौवैक्सीन टीके की पहली व 4700 गर्भवतियों को दूसरी खुराक दी गई है।

Edited By: Babita Kashyap