भोपाल में SIR के खिलाफ कांग्रेस का जंगी प्रदर्शन, CEC ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका
कांग्रेस ने भोपाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया। पार्टी ने ...और पढ़ें
HighLights
कांग्रेस ने भोपाल में SIR के खिलाफ विशाल प्रदर्शन किया।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आरोप लगाए।
13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने का गंभीर आरोप लगाया।
डिजिटल डेस्क, भोपाल। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर कांग्रेस और निर्वाचन आयोग के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। सोमवार को मध्य प्रदेश कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से निर्वाचन सदन तक पैदल मार्च करते हुए पहुंचे। कांग्रेस ने SIR के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाते हुए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल उठाए।
देशभर में कांग्रेस SIR को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही है। पार्टी नेताओं ने दावा किया है कि इस प्रक्रिया के दौरान करीब 13 करोड़ मतदाताओं को मतदाता सूची से बाहर किया गया है।
हरीश चौधरी बोले- यह किसी एक दल की लड़ाई नहीं
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि यह लड़ाई केवल कांग्रेस या किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है। उन्होंने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि इससे निर्वाचन आयोग की स्वायत्तता प्रभावित हुई है।
चौधरी ने कहा कि कांग्रेस इसे संविधान और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ा मुद्दा मानकर उठा रही है। उन्होंने आरएसएस, उद्योग जगत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच गठजोड़ का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा।

उमंग सिंघार बोले- राहुल गांधी ने उठाई वोट चोरी की आवाज
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राहुल गांधी की ओर से उठाए गए 'वोट चोरी' के मुद्दे का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की जा सकती है, लेकिन पार्टी जनता से जुड़े मुद्दे उठाती रहेगी।
SIR और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर कांग्रेस लगातार निर्वाचन आयोग पर सवाल उठा रही है। दूसरी ओर, आयोग ने कहा है कि SIR से जुड़े आदेश तीनों निर्वाचन आयुक्तों की मंजूरी के बाद जारी किए गए हैं।

13 करोड़ नाम हटाने का कांग्रेस का दावा
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि SIR के नाम पर देशभर में करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। पार्टी इसे मतदाताओं के अधिकार और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ा गंभीर विषय बता रही है।
मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने इससे पहले राज्य की मतदाता सूची में हुए बदलावों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी ने SIR के बाद अंतिम मतदाता सूची से हटाए गए करीब 34.25 लाख नामों का विधानसभा, जिला और कारणवार विवरण सार्वजनिक करने की मांग की थी।

ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल पर दिग्विजय के सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव जरूरी हैं।
दिग्विजय सिंह ने निर्वाचन आयोग के भीतर फैसलों को लेकर कथित मतभेदों का भी उल्लेख किया। चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, ज्ञानेश कुमार वर्तमान में मुख्य निर्वाचन आयुक्त हैं और उन्होंने 19 फरवरी 2025 को पदभार संभाला था।
यह भी पढ़ें- 'लोकतंत्र को खतरे में डाल रहे नेता प्रतिपक्ष, इस्तीफा दें राहुल गांधी', सीएम डॉ. मोहन यादव ने साधा निशाना
पैदल मार्च करते हुए निर्वाचन सदन पहुंचे कांग्रेस नेता
कांग्रेस के प्रदर्शन में दिग्विजय सिंह समेत पार्टी के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से पैदल मार्च करते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय, निर्वाचन सदन पहुंचे और SIR को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।
SIR विवाद के बीच कांग्रेस का मुख्य जोर मतदाता सूची में हुए बदलावों की पारदर्शिता, हटाए गए नामों का विवरण और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर जवाबदेही तय करने पर है। दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग मतदाता सूची से संबंधित सेवाओं और SIR-2026 के लिए आधिकारिक पोर्टल पर मतदाताओं को अपना नाम जांचने तथा आवश्यक दस्तावेज जमा करने की सुविधा दे रहा है।
