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मीनाक्षी नटराजन प्रकरण को लेकर कांग्रेस हाईकमान प्रदेश नेतृत्व से नाराज, होगी पूरी रणनीति की समीक्षा

Published: Sun, 14 Jun 2026 08:45 PM (GMT+05:30)

राज्यसभा चुनाव में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने से कांग्रेस हाईकमान मध्य प्रदेश के नेताओं से नाराज है। नामांकन ...और पढ़ें

MP कांग्रेस के नेताओं के साथ मीनाक्षी नटराजन (फाइल फोटो)

MP कांग्रेस के नेताओं के साथ मीनाक्षी नटराजन (फाइल फोटो)

HighLights

  1. मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन निरस्त होने से हाईकमान नाराज।

  2. आपराधिक प्रकरण पर कानूनी पड़ताल न करने से हुई चूक।

  3. प्रदेश नेतृत्व की समन्वय और तैयारी में कमी उजागर हुई।

राज्य ब्यूरो, भोपाल। राज्यसभा चुनाव में मध्य प्रदेश से कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद पार्टी का शीर्ष नेतृत्व प्रदेश के प्रमुख नेताओं से नाराज है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी इसमें शामिल हैं। साथ ही मीनाक्षी नटराजन से भी नाराजगी की बात सामने आ रही है।

समय था, फिर भी नहीं की कानूनी पड़ताल

इसका कारण यह है कि नामांकन प्रस्तुत करने के चार दिन पहले मीनाक्षी का नाम तय होने के बाद भी उस केस के बारे में विधि विशेषज्ञों से राय नहीं ली गई, जिसके आधार पर नामांकन निरस्त किया गया है। कांग्रेस विधायक दल की बैठक भी हुई थी, पर उसमें भी कोई चर्चा सामने नहीं आई। पार्टी शुरू से अपने विधायकों को एकजुट करने में लगी रही।

दिखी समन्वय की कमी

भाजपा की सेंधमारी से बचाने के लिए उन्हें विशेष विमान से बेंगलुरु ले जाने वाले थे, उसके आधा घंटे पहले ही नामांकन निरस्त होने की सूचना आ गई। माना जा रहा है कि इस मामले में पार्टी का समन्वय कमजोर रहा। इन्हीं सब विषयों को लेकर जल्द ही शीर्ष नेतृत्व द्वारा समीक्षा की जाएगी।

मिला तगड़ा सबक

राष्ट्रीय पदाधिकारियों का मानना है कि प्रदेश नेतृत्व ने चुनाव की तैयारी ठीक से नहीं की, जिससे छोटी सी गलती के चलते हाथ की सीट चली गई। आगामी तीन वर्ष प्रदेश में चुनाव वाले होंगे, इसलिए ऐसी गलती को पार्टी मध्य प्रदेश ही नहीं सभी राज्यों के लिए केस स्टडी के रूप में लेना चाहती है। ऐसे मामलों में नामांकन निरस्त होने का थोड़ा जोखिम होने पर डमी उम्मीदवार का नामांकन भराया जा सकता था।

मामूली चूक पड़ी भारी

बता दें, प्रदेश में 21 जून को रिक्त हो रही राज्यसभा की तीन सीटों के निर्वाचन में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन एक आपराधिक प्रकरण की जानकारी नहीं देने के चलते निरस्त किया गया है। मीनाक्षी को भारत निर्वाचन आयोग और सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली। अब वह हाई कोर्ट में चुनाव याचिका दायर करने की तैयारी कर रही हैं। उधर, नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में 14 जून को युवा कांग्रेस, 15 को एनएसयूआई और 16 को महिला कांग्रेस जिला मुख्यालयों में बड़ा प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे हैं।

इसी तरह की गलती में दतिया सीट गई, विजयपुर की भी उलझी

मीनाक्षी नटराजन का मामला अकेला नहीं है। श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव में कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा ने भाजपा के रामनिवास रावत का पराजित कर जीत दर्ज की थी। रावत ने हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि मुकेश मल्होत्रा ने अपने शपथ पत्र में दो आपराधिक प्रकरणों की जानकारी छुपाई है।

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इस कारण कोर्ट ने निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया था, जिसके विरुद्ध मुकेश मल्होत्रा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। प्रकरण अभी विचाराधीन है। उधर, दतिया सीट से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती के विरुद्ध आर्थिक अनियमितता के मामले में सजा सुनाए जाने के कारण निर्वाचन शून्य घोषित किया जा चुका है। इस निर्णय के विरुद्ध उन्होंने याचिका लगाई है मगर सजा पर कोई रोक नहीं है।